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Chamoli News: बदरीनाथ धाम में पांच फीट से अधिक जमी बर्फ
Thu, 22 Feb 2024 07:19 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Thu, 22 Feb 2024 07:19 PM IST
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औली में बर्फ के बीच स्कीइंग का मजा लेते पर्यटक। संवाद
चार दिनों से लगातार हो रही बर्फबारी, पैदल रास्ते, पुल सभी बर्फ से ढके
औली में पर्यटक जमकर उठा रहे स्कीइंग का लुत्फ
संवाद न्यूज एजेंसी
जोशीमठ/गोपेश्वर/चमोली/पीपलकोटी। बदरीनाथ धाम में चार दिनों से लगातार बर्फबारी हो रही है जिससे धाम में पांच फीट से अधिक ताजी बर्फ जम चुकी है। धाम में पैदल रास्ते, पुल सहित सभी जगहों पर बर्फ ही बर्फ जमी हुई है। ऐसे में जवानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं औली में बर्फबारी होने के बाद पर्यटक जमकर स्कीइंग का लुत्फ उठा रहे हैं।
बदरीनाथ धाम में इस बार सीजन की सबसे अधिक बर्फबारी हुई है। धाम में बर्फबारी के कारण वहां सुरक्षा में तैनात आईटीबीपी व पुलिस के जवानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जवान मंदिर के आसपास गश्त के लिए बर्फ हटाकर रास्ता बना रहे हैं। सोमवार से लगातार हो रही बर्फबारी से पूरे क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। धाम में तैनात बीकेटीसी के कर्मचारी प्रेम सिंह भंडारी, मोहन सिंह राणा, दर्शन सिंह, दिनेश सिंह ने बताया कि धाम में पांच फीट से अधिक ताजी बर्फ जम चुकी है। मंदिर परिसर के आसपास आईटीबीपी के जवान बर्फ हटाकर रास्ता बना रहे हैं। वहीं औली में बर्फबारी होने के बाद पर्यटक जमकर स्कीइंग का लुत्फ उठा रहे हैं। बृहस्पतिवार दोपहर को मौसम खुलने के बाद यहां पर्यटक खूब मौज मस्ती करते नजर आए। वहीं बारिश-बर्फबारी से गोपेश्वर, चमोली, पीपलकोटी, निजमुला घाटी, जोशीमठ सहित आसपास के इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने से काश्तकारों के चेहरे खिले हुए हैं।
बर्फबारी से बदरीनाथ हाईवे चौथे दिन भी बंद
जोशीमठ। लगातार हो रही बर्फबारी से बदरीनाथ हाईवे हनुमानचट्टी से आगे चौथे दिन भी नहीं खुल पाया। हालांकि इस समय बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने से हाईवे पर आम लोगों की आवाजाही बंद है। मगर धाम में आईटीबीपी, पुलिस के जवान व बीकेटीसी के कर्मचारी तैनात हैं। जबकि माणा में सेना के जवानों की भी तैनाती है। बीकेटीसी के कर्मचारी प्रेम सिंह भंडारी ने बताया कि हाईवे बंद होने से यहां कोई दिक्कत नहीं है। सभी के पास पर्याप्त मात्रा में राशन उपलब्ध है। आईटीबीपी व सेना के पास चिकित्सा की भी व्यवस्था रहती है। संवाद
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तीसरे दिन सुक्की टॉप से धराली तक आवाजाही सुचारु
उत्तरकाशी। गंगोत्री हाईवे पर सुक्की टॉप से धराली तक करीब 52 घंटों बाद आवाजाही सुचारु हो गई है। बीआरओ की टीम ने कड़ी मशक्कत कर हाईवे पर आवाजाही सुचारु कराई।
गंगोत्री हाईवे मंगलवार सुबह बर्फबारी के कारण सुक्की में बंद हो गया था। बीआरओ की टीम तब से हाईवे से बर्फ हटाने में जुटी हुई थी लेकिन लगातार हो रही बर्फबारी के कारण हाईवे खोलने में टीम को परेशानी हो रही थी। बुधवार सुबह मौसम खुलने पर बीआरओ की मशीनरी और मजदूरों ने करीब पांच किमी क्षेत्र में सुक्की टॉप तक आवाजाही सुचारु कर दी। बृहस्पतिवार सुबह मौसम खुला तो बीआरओ ने सुक्की टॉप से धराली तक गंगोत्री हाईवे पर आवाजाही सुचारु करवाई। इससे उपला टकनौर के आठ गांव के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। हालांकि अभी धराली तक हाईवे पर बर्फ के साथ पाला होने के कारण सामान्य वाहनों की आवाजाही में खतरा बना है। वहीं धराली से गंगोत्री तक हाईवे खोलने का प्रयास जारी है। हालांकि सुरक्षा को लेकर यहां चैन लगे वाहनों से ही आवागमन की अनुमति दी गई है।
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औली में पर्यटक जमकर उठा रहे स्कीइंग का लुत्फ
संवाद न्यूज एजेंसी
जोशीमठ/गोपेश्वर/चमोली/पीपलकोटी। बदरीनाथ धाम में चार दिनों से लगातार बर्फबारी हो रही है जिससे धाम में पांच फीट से अधिक ताजी बर्फ जम चुकी है। धाम में पैदल रास्ते, पुल सहित सभी जगहों पर बर्फ ही बर्फ जमी हुई है। ऐसे में जवानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं औली में बर्फबारी होने के बाद पर्यटक जमकर स्कीइंग का लुत्फ उठा रहे हैं।
बदरीनाथ धाम में इस बार सीजन की सबसे अधिक बर्फबारी हुई है। धाम में बर्फबारी के कारण वहां सुरक्षा में तैनात आईटीबीपी व पुलिस के जवानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जवान मंदिर के आसपास गश्त के लिए बर्फ हटाकर रास्ता बना रहे हैं। सोमवार से लगातार हो रही बर्फबारी से पूरे क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। धाम में तैनात बीकेटीसी के कर्मचारी प्रेम सिंह भंडारी, मोहन सिंह राणा, दर्शन सिंह, दिनेश सिंह ने बताया कि धाम में पांच फीट से अधिक ताजी बर्फ जम चुकी है। मंदिर परिसर के आसपास आईटीबीपी के जवान बर्फ हटाकर रास्ता बना रहे हैं। वहीं औली में बर्फबारी होने के बाद पर्यटक जमकर स्कीइंग का लुत्फ उठा रहे हैं। बृहस्पतिवार दोपहर को मौसम खुलने के बाद यहां पर्यटक खूब मौज मस्ती करते नजर आए। वहीं बारिश-बर्फबारी से गोपेश्वर, चमोली, पीपलकोटी, निजमुला घाटी, जोशीमठ सहित आसपास के इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने से काश्तकारों के चेहरे खिले हुए हैं।
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बर्फबारी से बदरीनाथ हाईवे चौथे दिन भी बंद
जोशीमठ। लगातार हो रही बर्फबारी से बदरीनाथ हाईवे हनुमानचट्टी से आगे चौथे दिन भी नहीं खुल पाया। हालांकि इस समय बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने से हाईवे पर आम लोगों की आवाजाही बंद है। मगर धाम में आईटीबीपी, पुलिस के जवान व बीकेटीसी के कर्मचारी तैनात हैं। जबकि माणा में सेना के जवानों की भी तैनाती है। बीकेटीसी के कर्मचारी प्रेम सिंह भंडारी ने बताया कि हाईवे बंद होने से यहां कोई दिक्कत नहीं है। सभी के पास पर्याप्त मात्रा में राशन उपलब्ध है। आईटीबीपी व सेना के पास चिकित्सा की भी व्यवस्था रहती है। संवाद
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तीसरे दिन सुक्की टॉप से धराली तक आवाजाही सुचारु
उत्तरकाशी। गंगोत्री हाईवे पर सुक्की टॉप से धराली तक करीब 52 घंटों बाद आवाजाही सुचारु हो गई है। बीआरओ की टीम ने कड़ी मशक्कत कर हाईवे पर आवाजाही सुचारु कराई।
गंगोत्री हाईवे मंगलवार सुबह बर्फबारी के कारण सुक्की में बंद हो गया था। बीआरओ की टीम तब से हाईवे से बर्फ हटाने में जुटी हुई थी लेकिन लगातार हो रही बर्फबारी के कारण हाईवे खोलने में टीम को परेशानी हो रही थी। बुधवार सुबह मौसम खुलने पर बीआरओ की मशीनरी और मजदूरों ने करीब पांच किमी क्षेत्र में सुक्की टॉप तक आवाजाही सुचारु कर दी। बृहस्पतिवार सुबह मौसम खुला तो बीआरओ ने सुक्की टॉप से धराली तक गंगोत्री हाईवे पर आवाजाही सुचारु करवाई। इससे उपला टकनौर के आठ गांव के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। हालांकि अभी धराली तक हाईवे पर बर्फ के साथ पाला होने के कारण सामान्य वाहनों की आवाजाही में खतरा बना है। वहीं धराली से गंगोत्री तक हाईवे खोलने का प्रयास जारी है। हालांकि सुरक्षा को लेकर यहां चैन लगे वाहनों से ही आवागमन की अनुमति दी गई है।