{"_id":"61279c368ebc3e7a21130913","slug":"malari-highway-could-not-open-even-on-the-13th-day-gopeshwar-news-drn388525521","type":"story","status":"publish","title_hn":"13वें दिन भी नहीं खुल पाया मलारी हाईवे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
13वें दिन भी नहीं खुल पाया मलारी हाईवे
विज्ञापन
मलारी हाईवे को खोलने में जुटे बीआरओ के मजदूर।
- फोटो : GOPESHWAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चीन सीमा को जोड़ने वाला मलारी हाईवे बृहस्पतिवार को 13वें दिन भी सुचारु नहीं हो पाया है। बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) की जेसीबी और मजदूर हाईवे खोलने में जुटे हैं। बीआरओ के अधिकारियों ने शुक्रवार तक हाईवे सुचारु करने का दावा किया है। वहीं, हाईवे बंद होने से नीती घाटी के ग्रामीणों के ग्रामीणों के साथ ही सेना और आईटीबीपी के जवान जान जोखिम में डालकर पैदल आवाजाही करने को मजबूर हैं।
बीते 14 अगस्त से मलारी हाईवे तमक गांव के समीप चट्टान से भूस्खलन के कारण बंद है। तब से नीती घाटी के 14 गांवों के ग्रामीणों की आवाजाही बाधित है। भूस्खलन करीब 500 मीटर एरिया में फैला हुआ है। भूस्खलन से नीती घाटी की बिजली लाइन भी तहस-नहस पड़ी है। ग्रामीण छिल्लों के सहारे रात काट रहे हैं। सेना व आईटीबीपी के कैंपों में सोलर लाइन से रोशनी की जा रही है। बीआरओ के कमांडर कर्नल मनीष कपिल ने बताया कि हाईवे पर बड़े-बड़े बोल्डरों को विस्फोट से तोड़ा जा रहा है। क्षेत्र में पांच जेसीबी और 50 से अधिक मजदूर काम कर रहे हैं। शुक्रवार तक हाईवे सुचारु होने की उम्मीद है।
एक दिन ही चल पाई हेलीकॉप्टर सेवा
जिला प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को राहत सामग्री पहुंचाने और जरूरतमंदों की आवाजाही के लिए क्षेत्र में 23 अगस्त को हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की, लेकिन मौसम खराब होने के कारण यह सेवा मात्र एक दिन ही चल पाई। अब ग्रामीण एनडीआरएफ और एसडीएआरएफ के जवानों की सहायता से भूस्खलन क्षेत्र में आवाजाही कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीते 14 अगस्त से मलारी हाईवे तमक गांव के समीप चट्टान से भूस्खलन के कारण बंद है। तब से नीती घाटी के 14 गांवों के ग्रामीणों की आवाजाही बाधित है। भूस्खलन करीब 500 मीटर एरिया में फैला हुआ है। भूस्खलन से नीती घाटी की बिजली लाइन भी तहस-नहस पड़ी है। ग्रामीण छिल्लों के सहारे रात काट रहे हैं। सेना व आईटीबीपी के कैंपों में सोलर लाइन से रोशनी की जा रही है। बीआरओ के कमांडर कर्नल मनीष कपिल ने बताया कि हाईवे पर बड़े-बड़े बोल्डरों को विस्फोट से तोड़ा जा रहा है। क्षेत्र में पांच जेसीबी और 50 से अधिक मजदूर काम कर रहे हैं। शुक्रवार तक हाईवे सुचारु होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
एक दिन ही चल पाई हेलीकॉप्टर सेवा
जिला प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को राहत सामग्री पहुंचाने और जरूरतमंदों की आवाजाही के लिए क्षेत्र में 23 अगस्त को हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की, लेकिन मौसम खराब होने के कारण यह सेवा मात्र एक दिन ही चल पाई। अब ग्रामीण एनडीआरएफ और एसडीएआरएफ के जवानों की सहायता से भूस्खलन क्षेत्र में आवाजाही कर रहे हैं।
विज्ञापन