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बारिश होने पर छोड़ने पड़ते हैं घर
ब्यूरो/ अमर उजाला, जोशीमठ (चमोली)
Updated Wed, 15 Mar 2017 09:38 PM IST
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पांडुकेश्वर गांव को अलकनंदा नदी से खतरा बना हुआ है। वर्ष 2013 की आपदा के दौरान अलकनंदा में बाढ़ आने से गांव के नीचे नदी तट क्षतिग्रस्त हो गए थे, लेकिन आज तक यहां बाढ़ सुरक्षा कार्य नहीं हो पाए हैं।
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आपदा प्रभावित दीवान मेहता, प्रेम भट्ट और मोहन लाल का कहना है कि सिंचाई विभाग की ओर से अभी तक पांडुकेश्वर में बाढ़ सुरक्षा कार्य नहीं किए हैं, जिससे आज भी ग्रामीण बारिश होने पर अपने मकानों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले जाते हैं। पांडुकेश्वर गांव निवासी अंशुमान भंडारी का कहना है कि वर्ष 2013 में अलकनंदा में आई बाढ़ आने से नदी का रुख गांव की ओर हो गया। यहां बाढ़ सुरक्षा कार्य न होने से गांव को खतरा बना हुआ है।
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उन्होंने कहा कि कई बार शासन से लेकर जिला प्रशासन से नदी किनारे बाढ़ सुरक्षा कार्य की मांग उठाई गई, लेकिन इस ओर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। इधर, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता उमेश कुमार का कहना है कि पांडुकेश्वर में नाबार्ड की ओर से बाढ़ सुरक्षा कार्य के लिए अस्सी लाख की धनराशि मिली है। जल्द बाढ़ सुरक्षा कार्य किया जाएगा।
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