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Chamoli News: पगनों में नहीं रुक रहा भूस्खलन, कुछ घरों की बिजली भी गुल
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विद्युत पोल खतरे की जद में आने से कुछ परिवारों के विद्युत कनेक्शन काटे
संवाद न्यूज एजेंसी
जोशीमठ। विकासखंड के पगनों गांव में लगातार भूस्खलन जारी है। खतरे की जद में आए परिवारों के लिए प्रशासन की ओर से टेंट की व्यवस्था की जा रही है। वहीं बिजली का एक पोल भी भूस्खलन की जद में आ गया है। सुरक्षा के लिहाज से ऊर्जा निगम ने इस क्षेत्र में विद्युत संयोजन काट दिए हैं, जिससे कुछ घरों की बिजली सप्लाई भी बंद हो गई है।
पगनों गांव में पिछले साल भूस्खलन शुरू हुआ था। लेकिन इस साल कुछ दिन पहले यहां भूस्खलन तेज हो गया। दो दिन पहले गांव में मुरलीधर सुंदरियाल और खीम सिंह के मकान और शिव मंदिर पूरी तरह से ध्वस्त हो गए थे। वहीं प्राथमिक विद्यालय भी खतरे की जद में आ गया। इसके चलते विद्यालय को जूनियर हाईस्कूल में शिफ्ट कर दिया गया है।
लगातार हो रहे भूस्खलन से गांव के करीब 30 परिवार खतरे की जद में आए हैं। आए ग्रामीण बद्री प्रसाद सुंदरियाल, चंदन सिंह, पंचम सिंह, दीवान सिंह आदि का कहना है कि प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जबकि पूरा गांव खतरे के मुहाने पर खड़ा है। वहीं जिला पंचायत सदस्य सूरज सैलानी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर प्रभावित परिवारों को विस्थापित कराने की मांग उठाई है।
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इस मामले में उपजिलाधिकारी जोशीमठ कुमकुम जोशी का कहना है कि जो परिवार खतरे की जद में आए हैं उनके लिए टेंट की व्यवस्था की गई है। जिन दो परिवारों के भवन टूटे हैं उन्हें किराये पर रहने के लिए किराया दिया जा रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जोशीमठ। विकासखंड के पगनों गांव में लगातार भूस्खलन जारी है। खतरे की जद में आए परिवारों के लिए प्रशासन की ओर से टेंट की व्यवस्था की जा रही है। वहीं बिजली का एक पोल भी भूस्खलन की जद में आ गया है। सुरक्षा के लिहाज से ऊर्जा निगम ने इस क्षेत्र में विद्युत संयोजन काट दिए हैं, जिससे कुछ घरों की बिजली सप्लाई भी बंद हो गई है।
पगनों गांव में पिछले साल भूस्खलन शुरू हुआ था। लेकिन इस साल कुछ दिन पहले यहां भूस्खलन तेज हो गया। दो दिन पहले गांव में मुरलीधर सुंदरियाल और खीम सिंह के मकान और शिव मंदिर पूरी तरह से ध्वस्त हो गए थे। वहीं प्राथमिक विद्यालय भी खतरे की जद में आ गया। इसके चलते विद्यालय को जूनियर हाईस्कूल में शिफ्ट कर दिया गया है।
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लगातार हो रहे भूस्खलन से गांव के करीब 30 परिवार खतरे की जद में आए हैं। आए ग्रामीण बद्री प्रसाद सुंदरियाल, चंदन सिंह, पंचम सिंह, दीवान सिंह आदि का कहना है कि प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जबकि पूरा गांव खतरे के मुहाने पर खड़ा है। वहीं जिला पंचायत सदस्य सूरज सैलानी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर प्रभावित परिवारों को विस्थापित कराने की मांग उठाई है।
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इस मामले में उपजिलाधिकारी जोशीमठ कुमकुम जोशी का कहना है कि जो परिवार खतरे की जद में आए हैं उनके लिए टेंट की व्यवस्था की गई है। जिन दो परिवारों के भवन टूटे हैं उन्हें किराये पर रहने के लिए किराया दिया जा रहा है।