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कोषागार दफ्तर खाली, कर्मी सड़कों पर
कर्णप्रयाग
Updated Sat, 26 Dec 2015 08:38 PM IST
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कोषागार कर्मचारी संगठन की ग्रेड-पे में बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर बेमियादी कार्य बहिष्कार शनिवार को भी जारी रहा। कर्मचारियों ने कोषागार के सम्मुख बैठकर धरना दिया।
गोपेश्वर कोषागार कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश सती ने कहा कि अन्य विभागों से आए कर्मचारियों की ओर से किए गए भुगतान व अन्य कार्यों का लेखा-जोखा कोषागार कर्मचारी तैयार नहीं करेंगे। अन्य विभागों से आए कर्मचारियों की ओर से किए गए लेन-देेन की जिम्मेदारी मुख्य कोषाधिकारी और कोषाधिकारी की होगी। इस मौके पर महीपाल सिंह गडिया, मोहम्मद सिद्दिकी, नंदन सिंह नेगी, सत्य प्रसाद गौड़, लक्ष्मण सिंह रावत, प्रकाश चंद्र थपलियाल, जयपाल पंवार और हिम्मत सिंह थे।
कोषागार कर्मियों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। शनिवार को कोषागार कर्मियों ने सरकार के विरोध में नारेबाजी कर मांगों के निराकरण की मांग की। सहायक कोषाधिकारी बीएन सेमवाल ने कहा कि सरकार कोषागार कर्मियों की मांगों की ओर संवेदनहीनता जता रही है। धरना देने वालों में बृजमोहन भट्ट, मोहन प्रसाद बहुगुणा, एमपी सती और दर्शन लाल आर्य थे।
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गोपेश्वर कोषागार कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश सती ने कहा कि अन्य विभागों से आए कर्मचारियों की ओर से किए गए भुगतान व अन्य कार्यों का लेखा-जोखा कोषागार कर्मचारी तैयार नहीं करेंगे। अन्य विभागों से आए कर्मचारियों की ओर से किए गए लेन-देेन की जिम्मेदारी मुख्य कोषाधिकारी और कोषाधिकारी की होगी। इस मौके पर महीपाल सिंह गडिया, मोहम्मद सिद्दिकी, नंदन सिंह नेगी, सत्य प्रसाद गौड़, लक्ष्मण सिंह रावत, प्रकाश चंद्र थपलियाल, जयपाल पंवार और हिम्मत सिंह थे।
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कोषागार कर्मियों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। शनिवार को कोषागार कर्मियों ने सरकार के विरोध में नारेबाजी कर मांगों के निराकरण की मांग की। सहायक कोषाधिकारी बीएन सेमवाल ने कहा कि सरकार कोषागार कर्मियों की मांगों की ओर संवेदनहीनता जता रही है। धरना देने वालों में बृजमोहन भट्ट, मोहन प्रसाद बहुगुणा, एमपी सती और दर्शन लाल आर्य थे।
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