{"_id":"57aca7c64f1c1b6b15ee4351","slug":"houses-are-submerged-growing-cracks","type":"story","status":"publish","title_hn":"धंस रहे मकान, बढ़ रही दरारें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धंस रहे मकान, बढ़ रही दरारें
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली (गोपेश्वर)
Updated Thu, 11 Aug 2016 09:59 PM IST
विज्ञापन
लेटाल गदेरे से हो रहे कटाव से भूधसांव की जद मे आया थराली का हरिनगर लेटाल गांव
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरिनगर लेटाल गांव पिछले 25 वर्षों से भूधंसाव का दंश झेल रहा है। यहां हर रोज मकान धंस रहे हैं। दरारें चौड़ी हो रही हैं। आंगन और खेत धंस कर टेढ़े हो चुके हैं। ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। राहत के नाम पर दो बार भूगर्भीय सर्वे होने के अलावा कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
तहसील मुख्यालय से 20 किमी दूर हरिनगर लेटाल गांव में 80 परिवार रहते हैं। वर्ष 1991 में शुरू हुआ भूधंसाव का सिलसिला आज भी जारी है। प्रधान दान सिंह बताते है कि गांव के बीच से बहने वाले लेटाल गदेरे के कटाव से पूरा गांव खतरे की जद में आ गया है।
विज्ञापन
यहां कोई खेत और कोई घर ऐसा नहीं है जिस पर दरारें न हों। प्रभावित गोभी लाल, बुद्धिराम, शोभा राम, चमन लाल, दिल्ली राम, जगदीश राम, महावीर राम, किशन आदि का कहना है कि मरम्मत के बावजूद हर साल घरों में आई दरार बढ़ रही है।
विज्ञापन
चमोली जिले के संवेदनशील गांवों की सूची में हरिनगर लेटाल का नाम भी शामिल है। शासन स्तर से होने वाले पहले 11 गांवों की विस्थापन सूची में गांव का नाम है। शासन स्तर पर विस्थापन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
-परमांनद राम, तहसीलदार