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Chamoli News: कमेड़ा में हाईवे खुला, पांच दिन बाद वाहनों की आवाजाही हुई शुरू
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जखेड़ गधेरा उफान पर आने से ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे का लगभग 150 मीटर हिस्सा बह गया था
फोटो
गौचर। रुद्रप्रयाग व कर्णप्रयाग के बीच कमेड़ा गांव के निकट पिछले पांच दिनों से अवरुद्ध ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे शुक्रवार दोपहर को 12 बजे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया गया है। मार्ग खुलने से दोनों ओर फंसे यात्रियों और पैदल चल रहे लोगों ने राहत की सांस ली है।
कमेड़ा के निकट जखेड़ गधेरा उफान पर आने से बीते रविवार को ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे का लगभग 150 मीटर हिस्सा बह गया था। मार्ग को खोलने के लिए प्रशासन व एनएच की ओर से युद्धस्तर पर कार्य शुरू किया गया। सड़क मार्ग बहाली के लिए रेलवे की कार्यदायी कंपनी मेघा इंजीनियरिंग एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर की मदद से पांच बड़ी मशीनें और डंपर लगाए गए। मार्ग अवरुद्ध होने से वाहनों की आवाजाही कर्णप्रयाग-पोखरी-रुद्रप्रयाग के वैकल्पिक मार्ग से हो रही थी।
राजमार्ग पर यातायात बहाल होने से जगह-जगह खड़े वाहन अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए। एनएचआईडीसीएल के डीजीएम शैलेंद्र कुमार ने बताया कि पूरी तरह से तहस-नहस हो चुकी सड़क को जल्दी से जल्दी तैयार करना बहुत चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद प्रशासन के सहयोग से इस मार्ग को यथासंभव समय पर बहाल कर दिया गया। सड़क के स्थाई समाधान के लिए भी सर्वेक्षण कर डीपीआर तैयार की जा रही है। स्वीकृति मिलने पर जल्द स्थाई निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कर दिया जाएगा ।
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गौचर। रुद्रप्रयाग व कर्णप्रयाग के बीच कमेड़ा गांव के निकट पिछले पांच दिनों से अवरुद्ध ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे शुक्रवार दोपहर को 12 बजे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया गया है। मार्ग खुलने से दोनों ओर फंसे यात्रियों और पैदल चल रहे लोगों ने राहत की सांस ली है।
कमेड़ा के निकट जखेड़ गधेरा उफान पर आने से बीते रविवार को ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे का लगभग 150 मीटर हिस्सा बह गया था। मार्ग को खोलने के लिए प्रशासन व एनएच की ओर से युद्धस्तर पर कार्य शुरू किया गया। सड़क मार्ग बहाली के लिए रेलवे की कार्यदायी कंपनी मेघा इंजीनियरिंग एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर की मदद से पांच बड़ी मशीनें और डंपर लगाए गए। मार्ग अवरुद्ध होने से वाहनों की आवाजाही कर्णप्रयाग-पोखरी-रुद्रप्रयाग के वैकल्पिक मार्ग से हो रही थी।
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राजमार्ग पर यातायात बहाल होने से जगह-जगह खड़े वाहन अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए। एनएचआईडीसीएल के डीजीएम शैलेंद्र कुमार ने बताया कि पूरी तरह से तहस-नहस हो चुकी सड़क को जल्दी से जल्दी तैयार करना बहुत चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद प्रशासन के सहयोग से इस मार्ग को यथासंभव समय पर बहाल कर दिया गया। सड़क के स्थाई समाधान के लिए भी सर्वेक्षण कर डीपीआर तैयार की जा रही है। स्वीकृति मिलने पर जल्द स्थाई निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कर दिया जाएगा ।
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