{"_id":"56f01a504f1c1b370af14d24","slug":"gul-has-the-power-in-the-hospital-sick-patient","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली रही गुल, अस्पताल में परेशान हुए मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली रही गुल, अस्पताल में परेशान हुए मरीज
ब्यूरो/अमर उजाला कर्णप्रयाग
Updated Mon, 21 Mar 2016 09:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती रोगियों पर रविवार रात भारी गुजरी। यह स्थिति बिजली गुल होने से आई। जेनरेटर लंबे समय से और इनवर्टर के भी ऐन मौके पर जवाब देने से रोगियों को खासी दिक्कतें उठानी पड़ी। खासतौर पर जच्चा-बच्चा केंद्र में भर्ती महिलाएं परेशान रहीं। यहां तीमारदारों ने बाजार से इमरजेंसी लाइटें और मोमबत्ती खरीद कर रात बिताई।
रविवार शाम करीब चार बजे रुद्रप्रयाग और गौचर के बीच रतूड़ा के जंगल में तकनीकी खराबी आने से गुल हुई बिजली रात बारह बजे बहाल हो पाई। इस दौरान सबसे अधिक दिक्कत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती रोगियों को उठानी पड़ी।
विज्ञापन
अस्पताल में पंहुचे पंकज, राय सिंह आदि ने कहया कि प्रसूता गृह में चार से अधिक महिलाएं भर्ती हैं। वहां बिजली की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से रातभर महिला प्रसव पीड़ा से झेलती रही। यहां न जेनरेटर की चला और ना ही इनवर्टर। लेबर रूम में भी उजाले की व्यवस्था नहीं थी।
विज्ञापन
प्रधान संगठन के संरक्षक सुमन प्रसाद डिमरी ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही का खामियाजा यहां भर्ती रोगियों और तीमारदारों को भुगतना पड़ रहा है। कई तीमारदारों ने रविवार रात को इमरजेंसी लाइट खरीदकर अस्पताल में रात बिताई। इधर सीएमओ डा. बिराज शाह ने कहा कि मामले में ब्लॉक समन्वयक और ब्लाक सहायक को तलब किया गया है। जल्द ही अस्पताल की सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंध की जाएंगी।