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गदेरे और स्रोतों से भर रहे पीने का पानी
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली
Updated Mon, 25 Apr 2016 09:18 PM IST
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तहसील के कई गांवों को पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनी जल संस्थान की बारह गांव पेयजल योजना से क्षेत्र के हरगांव और नगली के ग्रामीणों को पीने का पानी तक मुहैया नहीं हो पा रहा है।
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इससे ग्रामीण एक किमी दूर आटागाड़ गदेरे और अन्य प्राकृतिक स्रोतों से पीने का पानी लाने को मजबूर हैं। महिलाओं को ग्रामीणों को पिंडर नदी किनारे कपड़े धोने पड़ रहे हैं।
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हरगांव के नरेंद्र सिंह चाकर ने बताया कि जल संस्थान की ओर से बनाई गई बारहगांव पेयजल योजना से गांव में 20 दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप है। दूसरी ओर नगली गांव के पूर्व प्रधान दीपक कठैत और नवीन बहुगुणा ने कहा कि गांव में इसी पेयजल योजना से पीने के पानी की आपूर्ति होती है, लेकिन चार दिनों से गांव में पेयजल आपूर्ति पूर्णतया बाधित है।
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हरगांव और नगली के ग्रामीणों ने बताया कि कई बार जल संस्थान के आला अधिकारियों और कर्मचारियों से पेयजल आपूर्ति सुचारु करने की, लेकिन अधिकारी और कर्मी उदासीन बने हैं। उन्होंने कहा यदि शीघ्र गांवों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्थित नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।
जल संस्थान के जेई रविंद्र पाठक ने बताया कि हरगांव और नगली की पेयजल लाइनों के चौक होने से गांवों में पानी की आपूर्ति बाधित है। इसे शीघ्र ठीक कर दिया जाएगा।