{"_id":"5752f88c4f1c1b7d2810cf19","slug":"fraud-in-recruitment-itbp","type":"story","status":"publish","title_hn":"भर्ती के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भर्ती के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र
ब्यूरो/अमर उजाला, कर्णप्रयाग (गौचर )
Updated Sat, 04 Jun 2016 09:19 PM IST
विज्ञापन
फर्जीवाड़ा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईटीबीपी में भर्ती के नाम पर बेरोजगारों से ठगी कर पैसे वसूलने का मामला प्रकाश में आया है। युवाओं से यह धोखाधड़ी आईटीबीपी के नाम पते, लोगो, मोहर और ईमेल युक्त नियुक्ति पत्र से की जा रही है। हालांकि आईटीबीपी के अफसर इसे फर्जी बता रहे हैं। धोखाधड़ी के इस षडयंत्र में किसी बड़े नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका को देखते हुए अधिकारियों ने इसकी रिपोर्ट दिल्ली मुख्यालय भेजी है।
विज्ञापन
धोखाधड़ी और ठगी का खुलासा जगदीश सिंह पुत्र हीरा लाल निवासी नैल बछुवाबाण गैरसैंण को आईटीबीपी ट्रेडसमैन के लिए मिले नियुक्ति पत्र से हुआ है। यह नियुक्ति पत्र डायरेक्टेट एंड मैन पॉवर एंड रिक्वायरमेंट आईटीबीपी मैन पॉवर 134 एफ आईटीबीपी कैंप मेन रोड ऊधमपुर जे एंड के से चीफ डायरेक्टर आईटीबीपी (केटी) रॉबिन डिस्कोजा के नाम से लिखे रजिस्टर्ड डाक से जारी किया गया है। नियुक्ति पत्र के साथ दिए गए दिशा निर्देशों में अभ्यर्थी को 28,600 रूपये प्रति माह वेतनमान और 5200 से 20200 ग्रेड पे देने का झांसा देते हुए 48 घंटे में 25000 हजार रुपये ट्रेनिंग सिक्योरिटी राशि जमा करने को लिखा गया है।
विज्ञापन
इसमें तीन माह के प्रशिक्षण के लिए उम्मीदवार को ट्रेनिंग कोड आईटीबीपी -7019/2016 दिया गया है। यह सिक्योरिटी राशि जमा करने के बाद ही मान्य होने की बात कही गई है। साथ ही उम्मीदवार को किसी भी परीक्षा, साक्षात्कार व चिकित्सा जांच का सामना न करने के प्रति आश्वास्त करते हुए किसी मित्र परिचित और अन्य व्यक्ति से फोन न कराने के लिए सचेत किया गया है।
विज्ञापन
पैसे जमा करने की बात पर जगदीश सहित आसपास के लोगों को शक होने पर अमर उजाला की ओर से नियुक्ति पत्र की आईटीबीपी 8वीं वाहिनी के कमाडेंट ऋषभ कुमार से जांच करवाई गई। कमांडेंट ऋषभ कुमार ने पूरे मामले को फर्जी बताया और सभी दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद तत्काल इसकी रिपोर्ट दिल्ली मुुख्यालय को प्रेषित की है।