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हेमकुंड साहिब के खुले कपाट, पहली अरदास में शामिल हुए पांच हजार तीर्थयात्री
ब्यूरो/अमर उजाला, जोशीमठ (चमोली)
Updated Wed, 25 May 2016 09:42 PM IST
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हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने पर धाम के दर्शनों को पहुंचे तीर्थयात्री सरोवर में स्नान करते हुए।
- फोटो : Amar Ujala
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हेमकुंड साहिब के कपाट बुधवार को सुबह नौ बजकर तीस मिनट पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इस मौके पर करीब पांच हजार सिख तीर्थयात्री पहली अरदास में शामिल हुए। यात्रा को लेकर तीर्थयात्रियों में बेहद उत्साह है। कपाटोद्घाटन से पूर्व सुबह आठ बजे हेमकुंड के मुख्य ग्रंथी भाई जस्सा सिंह और सरदार मिलाप सिंह ने हेमकुंड सरोवर में स्नान किया, इसके बाद पंच प्यारों की अगुवाई में सतखंड से गुरु ग्रंथ साहिब को गुरुद्वारा साहिब में लाया गया।
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इसके बाद धाम में पहली अरदास शुरू हुई। इस मौके पर गुरुद्वारे में मत्था टेकने के लिए तीर्थयात्रियों का तांता लग गया। सुबह ग्यारह बजे गुरुद्वारे में सुखमणी साहिब का पाठ आरंभ हुआ। दोपहर साढ़े बारह बजे कीर्तन के बाद दोपहर एक बजे से फिर अरदास हुई। तीर्थयात्रियों को हेमकुंड साहिब की कथा भी सुनाई जाएगी।
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तमाम तीर्थयात्री कड़ाके की ठंड में मंगलवार रात को ही हेमकुंड साहिब पहुंच गए थे, जबकि पंच प्यारों की अगुवाई में मुख्य ग्रंथी बुधवार को तड़के हेमकुंड साहिब पहुंचे। तीर्थयात्रियों ने हेमकुंड सरोवर में स्नान करने के बाद गुरुद्वारे में मत्था टेका। इस मौके पर हेमकुंड साहिब ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी सरदार जनक सिंह, गोविंदघाट गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह, गुरुप्रीत कौर, मनप्रीत, गुरुवेंद्र सिंह, भजन सिंह आदि मौजूद थे।
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लक्ष्मण लोकपाल मंदिर के भी कपाट खुले
हेमकुंड साहिब के साथ ही लक्ष्मण (लोकपाल) मंदिर के कपाट भ्यूंडार गांव के ग्रामीणों ने खोले। कहते हैं कि आदिकाल में इसी स्थान पर भगवान श्रीराम के छोटे भाई लक्ष्मण ने शेषनाग के रूप में तपस्या की थी।