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जान बचाने के लिए गुलदार से भिड़ गया युवक
ब्यूरो/अमर उजाला,आदिबदरी।
Updated Fri, 08 Jan 2016 09:17 PM IST
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तहसील हरगांव के एक युवक ने गुलदार से जान बचाने के लिए 15 मिनट तक संघर्ष किया। इस संघर्ष में युवक लहूलुहान हो गया लेकिन युवक ने हार नहीं मानी और उसकी बहादुरी के आगे गुलदार को वहां से भागना पड़ा।
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ग्राम हरगांव का नीरज भंडारी (19 वर्षीय, पुत्र कुंवर सिंह भंडारी) बृहस्पतिवार करीब शाम 6 बजे तालचट्टी से अपने गांव हरगांव जा रहा था। तभी रास्ते में डोला स्थान पर उसे अचानक गुलदार के दहाड़ने की आवाज सुनाई दी।
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उसने रास्ते के ऊपर वाले खेत पर जाकर देखा तो वहां गुलदार दिखाई दी और देखते ही देखते गुलदार ने वहीं से छलांग लगाकर उस पर वार कर दिया। गुलदार ने उसकी टांग पकड़ी तो नीरज ने दूसरी टांग से उस पर प्रहार किया। गुलदार रास्ते से नीचे जा गिरा और दोबारा उठकर नीरज के सर को अपने जबडे़ में ले लिया।
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नीरज ने दोनों हाथों से गुलदार को पीछे धकेला तो वह खुद असंतुलित होकर रास्ते के नीचे झाड़ियों में जा गिरा। गुलदार ने जितनी बार नीरज की गर्दन पकड़नी चाही तो उतनी बार नीरज ने दाएं हाथ से अपनी गर्दन बचाई।
गुलदार नीरज के हाथ को जब खींचने लगा तब नीरज को वहां पड़ा एक बड़ा पत्थर मिला। उसने उसी से गुलदार पर बार-बार वार किया और गुलदार हारकर वहां से भाग गया। दोनों के बीच यह संघर्ष करीब 15 मिनट तक चला। इस संघर्ष में वह लहूलुहान हो गया और जैसे-तैसे घर पहुंचा। शुक्रवार को नीरज के परिजन उसे सीएचसी कर्णप्रयाग लाए।
सीएचसी के चिकित्सक डा. मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि नीरज को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया। हरगांव निवासी और सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र सिंह चाकर ने नीरज की हिम्मत और बहादुरी की सराहना की है। उन्होंने वन विभाग से उसे उचित सहायता देने की मांग की।