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असफलताओं से सफलता का मार्ग होता है प्रशस्त : एसपी
Sun, 04 Jan 2026 04:58 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sun, 04 Jan 2026 04:58 PM IST
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गोपेश्वर। पीजी कॉलेज गोपेश्वर के बीएड विभाग में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने कहा कि शिक्षक सिर्फ ज्ञान ही प्रदान नहीं करता बल्कि समाज का मार्गदर्शक भी होता है। असफलताओं से सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।
बीएड के प्रथम सेमेस्टर में नव प्रवेशी छात्रों का प्रवेशोत्सव मनाया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि एसपी सुरजीत पंवार ने छात्रों से कहा कि वे भविष्य में जिस भी विद्यालय या समाज का हिस्सा बनेंगे उनके विचार, आचरण और मूल्य ही आने वाली पीढ़ी का निर्माण करेंगे। असफलता से हार नहीं माननी चाहिए। असफलताएं सफलता की ओर जाने का मार्ग प्रशस्त करती हैं। प्राचार्य प्रो. एमपी नगवाल ने शिक्षा के साथ चरित्र निर्माण पर भी विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। विभागाध्यक्ष प्रो. अमित कुमार जयसवाल ने कहा कि प्राचीन भारतीय शैक्षिक मूल्यों और आधुनिक शिक्षा प्रणाली के समन्वय से एक सशक्त मूल्य आधारित और प्रभावी शिक्षा व्यवस्था का निर्माण किया जा सकता है। इससे पहले सुंदरकांड पाठ भी किया गया। इस दौरान सुबोध प्रेम विद्या मंदिर गोपेश्वर के संस्थापक डॉ. राकेश गैरोला आदि मौजूद रहे। संवाद
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गोपेश्वर। पीजी कॉलेज गोपेश्वर के बीएड विभाग में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने कहा कि शिक्षक सिर्फ ज्ञान ही प्रदान नहीं करता बल्कि समाज का मार्गदर्शक भी होता है। असफलताओं से सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।
बीएड के प्रथम सेमेस्टर में नव प्रवेशी छात्रों का प्रवेशोत्सव मनाया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि एसपी सुरजीत पंवार ने छात्रों से कहा कि वे भविष्य में जिस भी विद्यालय या समाज का हिस्सा बनेंगे उनके विचार, आचरण और मूल्य ही आने वाली पीढ़ी का निर्माण करेंगे। असफलता से हार नहीं माननी चाहिए। असफलताएं सफलता की ओर जाने का मार्ग प्रशस्त करती हैं। प्राचार्य प्रो. एमपी नगवाल ने शिक्षा के साथ चरित्र निर्माण पर भी विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। विभागाध्यक्ष प्रो. अमित कुमार जयसवाल ने कहा कि प्राचीन भारतीय शैक्षिक मूल्यों और आधुनिक शिक्षा प्रणाली के समन्वय से एक सशक्त मूल्य आधारित और प्रभावी शिक्षा व्यवस्था का निर्माण किया जा सकता है। इससे पहले सुंदरकांड पाठ भी किया गया। इस दौरान सुबोध प्रेम विद्या मंदिर गोपेश्वर के संस्थापक डॉ. राकेश गैरोला आदि मौजूद रहे। संवाद
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