ऊर्जा निगम गोपेश्वर में संविदा पर तैनात कर्मचारी की हाईटेंशन लाइन पर काम करते समय करंट लगने से मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शव उठाने से इंकार कर दिया और अस्पताल में हंगामा किया। उन्होंने कहा कि जब शटडाउन ले लिया गया था तो उसे करंट कैसे लग गया। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को मुआवजा और परिवार के किसी सदस्य को नौकरी देने की मांग उठाई। ऊर्जा निगम के ईई ने तत्काल मुआवजा देने और मृतक के बेटे को विभाग में नौकरी देने का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन शांत हुए।
आनंद सिंह राणा (52) पुत्र महिपाल राणा, निवासी कोठियालसैंण गोपेश्वर ऊर्जा निगम में 18 साल से संविदा पर काम कर रहे थे। बुधवार शाम वह हेलंग के पैनी गांव के पास 11 केवी की बिजली लाइन पर काम करते समय करंट लगने से बुरी तरह झुलस गया। लोगों ने उसे गोपेश्वर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बृहस्पतिवार सुबह परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल से शव ले जाने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक उचित मुआवजा या परिवार के किसी सदस्य को नौकरी का आश्वासन नहीं मिलता तब तक शव नहीं उठाएंगे। मृतक के भाई प्रेम ने कहा कि इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि जब काम चल रहा था तो लाइन पर बिजली कैसे शुरू कर दी गई। मौके पर पहुंचे यूपीसीएल के अधिशासी अभियंता कैलाश कुमार ने तत्काल पीड़ित परिवार को दो लाख रुपये देने और मृतक के बेटे की पढ़ाई पूरी होने पर विभाग में नौकरी देने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि आनंद सिंह ने शटडाउन लिया था। काम करने के बाद लाइन शुरू करा दी, लेकिन फिर वह खंभे पर चढ़ गया। दोबारा चढ़ने का कारण पता नहीं चल पाया। क्योंकि वहां कोई अन्य कर्मचारी नहीं था।