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नदी किनारे की चालक की खोज, नहीं चला पता
ब्यूरो/अमर उजाला,चमोली
Updated Mon, 02 Feb 2015 09:45 PM IST
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शनिवार देर रात हुई कार दुर्घटना में लापता चालक का पता सोमवार को भी नहीं चल पाया। राज्य आपदा प्रबंधन बल के राफ्ट, पुलिस के जवानों और चालक के परिजनों ने पिंडर और अलकनंदा के तट खंगाले, लेकिन सफलता नहीं मिली।
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नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग पर पाडली के पास शनिवार रात को हुई कार दुर्घटना में गैरसैंण के कोट गांव निवासी कार चालक हरीश नैनवाल लापता चल रहा है।
जबकि दुर्घटना में दो मृतक चंद्रमणि और बिमला का शव पुलिस ने रविवार को बरामद कर लिया था। थाना प्रभारी प्रदीप राठौर ने बताया कि चालक को खोजने के प्रयास जारी हैं।
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दूसरी ओर लापता चालक के परिजन नरेश बरमोला, विजय चमोला आदि ने प्रशासन से जल्द उसका (लापता चालक) का पता लगाने की मांग की है।
बाजार रहे बंद, नहीं चली टैक्सियां
माइथान व्यापार संघ अध्यक्ष और राजकीय इंटर कालेज बछुवाबाण के पीटीए अध्यक्ष चंद्रमणि उप्रेती की कार दुर्घटना में मौत और चालक हरीश के लापता होने से सोमवार को खंसर घाटी में टैक्सियां नहीं चलीं।
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शोक में घाटी के कोट, टेंटुड़ा, माइथान, दिवागाड़ और गंगानगर के बाजार बंद रहे। माइथान चौक में व्यापारियों ने शोक सभा कर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। शोक जताने वालों में टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष दान सिंह नेगी, सामाजिक कार्यकर्ता डा. कुंवर सिंह, व्यापार संघ उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह पंवार, जिला पंचायत सदस्य शकुंतला देवी आदि शामिल थे।
दवा से पहले मिली मौत
कार दुर्घटना में मृतक बिमला देवी को दवा से पहले मौत मिली। पास्तोली (कुलसारी) की बिमला देवी के भाई हरिदत्त ने बताया कि विधवा बिमला गांव में अकेले रहती थी।
बिमला के पैर में कुछ दिन से दर्द था। दर्द बढ़ने पर बिमला को सीएचसी कर्णप्रयाग ले जाने के लिए माइथान से बिमला का छोटा भाई चंद्रमणि पास्तोली गया और कार में सीएचसी लाते हुए यह घटना हो गई, जिसमें चंद्रमणि की मौत भी हो गई। घटना से कुलसारी से लेकर माइथान तक शोक की लहर रही।