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Chamoli News: नौ सितंबर को कैलाश के लिए रवाना होंगी दशोली और बधाण की मां नंदा की डोलियां
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फोटो
नंदा लोकजात समिति ने दशोली और बधाण की मां नंदा की डोलियों के पड़ावों का रूट चार्ट बनाया
संवाद न्यूज एजेंसी
नंदानगर। मां नंदा के सिद्धपीठ कुरुड़ से दशोली और बधाण की मां नंदा की डोलियां नौ सितंबर को कैलाश के लिए रवाना होंगी। नंदा लोकजात समिति की ओर से दशोली और बधाण की मां नंदा की डोलियों के पड़ावों का रूट चार्ट तैयार किया है। इस दौरान तीन दिनों तक सिद्धपीठ कुरुड़ मंदिर में तीन दिवसीय मेले का आयोजन भी होगा।
श्री नंदादेवी राजराजेश्वरी मंदिर कमेटी के अध्यक्ष नरेश गौड़ व नंदादेवी मंदिर समिति कुरुड़ के अध्यक्ष सुखवीर रौतेला ने बताया कि नौ सितंबर को बधाण की मां नंदा की डोली सिद्धपीठ कुरुड़ से प्रस्थान कर अपने प्रथम पड़ाव चरबंग गांव में पहुंचेगी। इसके बाद डोली मथकोट, उस्तोली, भेंटी, डुंग्री, सूना, चेपड़ों, धरातल्ला, बैराधार, फल्द्यागांव, मुदौंली, वाण, गैरोली पातल, वांक, ल्वाणी, उलंग्रा, पूर्णा, जोला, बिजेपुर, थाला और लोल्टी तुंगेश्वर से होते हुए देवराड़ा पहुंचेगी।
इधर, दशोली की मां नंदा की डोली नौ सितंबर को रात्रि प्रवास के लिए कुमजुग गांव पहुंचेगी। इसके बाद डोली नारंगी, जाखणी, कमेड़ा, तेफना, नंदप्रयाग, राजबगठी, पाणिगैर, बैरासकुंड, मटई ग्वाड़, पगना, ल्वाणी, रामणी गांव से होते हुए कुरुड़ गांव पहुंचेगी। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन से नंदा लोकजात यात्रा के पड़ावों को जोड़ने वाले पैदल रास्तों के सुधारीकरण की मांग उठाई है। कहा गया कि विभिन्न जगहों पर बरसात से पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त पड़े हुए हैं।
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नंदा लोकजात समिति ने दशोली और बधाण की मां नंदा की डोलियों के पड़ावों का रूट चार्ट बनाया
संवाद न्यूज एजेंसी
नंदानगर। मां नंदा के सिद्धपीठ कुरुड़ से दशोली और बधाण की मां नंदा की डोलियां नौ सितंबर को कैलाश के लिए रवाना होंगी। नंदा लोकजात समिति की ओर से दशोली और बधाण की मां नंदा की डोलियों के पड़ावों का रूट चार्ट तैयार किया है। इस दौरान तीन दिनों तक सिद्धपीठ कुरुड़ मंदिर में तीन दिवसीय मेले का आयोजन भी होगा।
श्री नंदादेवी राजराजेश्वरी मंदिर कमेटी के अध्यक्ष नरेश गौड़ व नंदादेवी मंदिर समिति कुरुड़ के अध्यक्ष सुखवीर रौतेला ने बताया कि नौ सितंबर को बधाण की मां नंदा की डोली सिद्धपीठ कुरुड़ से प्रस्थान कर अपने प्रथम पड़ाव चरबंग गांव में पहुंचेगी। इसके बाद डोली मथकोट, उस्तोली, भेंटी, डुंग्री, सूना, चेपड़ों, धरातल्ला, बैराधार, फल्द्यागांव, मुदौंली, वाण, गैरोली पातल, वांक, ल्वाणी, उलंग्रा, पूर्णा, जोला, बिजेपुर, थाला और लोल्टी तुंगेश्वर से होते हुए देवराड़ा पहुंचेगी।
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इधर, दशोली की मां नंदा की डोली नौ सितंबर को रात्रि प्रवास के लिए कुमजुग गांव पहुंचेगी। इसके बाद डोली नारंगी, जाखणी, कमेड़ा, तेफना, नंदप्रयाग, राजबगठी, पाणिगैर, बैरासकुंड, मटई ग्वाड़, पगना, ल्वाणी, रामणी गांव से होते हुए कुरुड़ गांव पहुंचेगी। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन से नंदा लोकजात यात्रा के पड़ावों को जोड़ने वाले पैदल रास्तों के सुधारीकरण की मांग उठाई है। कहा गया कि विभिन्न जगहों पर बरसात से पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त पड़े हुए हैं।
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