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सांस्कृतिक कार्यक्रमों में माणा-घिंघराण रहा प्रथम
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली
Updated Wed, 30 Dec 2015 09:09 PM IST
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तीन दिवसीय रौली विकास महोत्सव का बुधवार को समापन हो गया है। घिंघराण क्षेत्र में पहली बार आयोजित हुए इस महोत्सव में स्वयंसेवी संस्थाओं के स्टॉलों में लोगों ने खूब खरीददारी की।
महोत्सव में आयोजित वालीबाल प्रतियोगिता में जीआईसी माणा-घिंघराण विजेता रहा। सांस्कृतिक कार्यक्रम में महिला मंगल दल माणा-घिंघराण प्रथम, देवर-खडोरा द्वितीय और रौली-ग्वाड़ तृतीय रहा। विधायक राजेंद्र भंडारी ने अव्वल रही टीमों को पुरस्कृत किया।
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प्राथमिक विद्यालय देवर-खडोरा के छात्र-छात्राओं ने द्वी गती बैशाख सुरमा, मेरा मुलूक मेला की प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोहा। विधायक राजेंद्र भंडारी ने कहा कि आगामी वर्ष से रौली महोत्सव का विस्तार कर इसे पांच दिवसीय किया जाएगा।
उन्होंने महोत्सव मंच निर्माण के लिए विधायक निधि से तीन लाख देने की घोषणा की। महोत्सव समिति के अध्यक्ष जयवीर भंडारी ने महोत्सव आयोजन में सहयोग के लिए सबका आभार जताया।
मुरली दीवान ने कविताओं से गुदगुदाया
गोपेश्वर। महोत्सव के अंतिम दिन गढ़वाली हास्य कवि मुरली दीवान ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। उन्होंने मोबाइल फोन के बढ़ते प्रचलन पर कविता सुनाई। उन्होंने जख संस्कृति अर संस्कार पैदा हुंदा, मेते सु बगीचा, सु बगवान चैणु के माध्यम से युवा पीढ़ी से अपनी संस्कृति अपनाने का आह्वान किया।
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महोत्सव में आयोजित वालीबाल प्रतियोगिता में जीआईसी माणा-घिंघराण विजेता रहा। सांस्कृतिक कार्यक्रम में महिला मंगल दल माणा-घिंघराण प्रथम, देवर-खडोरा द्वितीय और रौली-ग्वाड़ तृतीय रहा। विधायक राजेंद्र भंडारी ने अव्वल रही टीमों को पुरस्कृत किया।
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महोत्सव के समापन पर जय गोपीनाथ कला संगम ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। उन्होंने जे दुर्गा दुर्गे भवानी, तें ज्वानी को राजपाठ हम भी देखला कब तें रांदू, हे रूड़ी, मिजाज्या रूड़ी, सुदी-मुदी गुस्सा न ह्वे जाणू, प्रीत बिना कैमा नी रुसाणू जैसे गढ़वाली गीतों की प्रस्तुतियां दी।
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प्राथमिक विद्यालय देवर-खडोरा के छात्र-छात्राओं ने द्वी गती बैशाख सुरमा, मेरा मुलूक मेला की प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोहा। विधायक राजेंद्र भंडारी ने कहा कि आगामी वर्ष से रौली महोत्सव का विस्तार कर इसे पांच दिवसीय किया जाएगा।
उन्होंने महोत्सव मंच निर्माण के लिए विधायक निधि से तीन लाख देने की घोषणा की। महोत्सव समिति के अध्यक्ष जयवीर भंडारी ने महोत्सव आयोजन में सहयोग के लिए सबका आभार जताया।
मुरली दीवान ने कविताओं से गुदगुदाया
गोपेश्वर। महोत्सव के अंतिम दिन गढ़वाली हास्य कवि मुरली दीवान ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। उन्होंने मोबाइल फोन के बढ़ते प्रचलन पर कविता सुनाई। उन्होंने जख संस्कृति अर संस्कार पैदा हुंदा, मेते सु बगीचा, सु बगवान चैणु के माध्यम से युवा पीढ़ी से अपनी संस्कृति अपनाने का आह्वान किया।