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घरों में घुसा मलबा, तबाह हुए खेत
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली (थराली)
Updated Tue, 21 Jun 2016 09:44 PM IST
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चमोली के जाखणी गांव के समीप रोड़ा गदेरे में अभी भी अटके बोल्डर बने गांव के लिए खतरा। गदेरे के बहाव से पुलियाएं भी बह गई हैं।
- फोटो : Amar Ujala
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मूसलाधार बारिश ने सोल पट्टी के गेरूड़, बूंगा, बुरसोल, रतगांव सहित कई गांवों में भारी तबाही मचाई है। गेरूड़ की प्रधान कमला देवी ने बताया कि सोल क्षेत्र में सोमवार शाम चार बजे से आठ बजे तक चार घंटे मूसलाधार बारिश से छोटे-बड़े नाले उफान पर आ गए जिससे कृषि भूमि को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
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बूंगा-कोलपुड़ी मोटर मार्ग का मलबा राजकीय इंटर कालेज गेरूड़ के परिसर में आ गया जिससे स्कूल भवन खतरे की जद में आ गया है। गेरूड़ में कृपाल सिंह की गोशाला क्षतिग्रस्त हो गई और मकान भी खतरे में है। आलू के खेत भी मलबे की भेंट चढ़ गए।
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गेरूड़ गांव से बूंगा, बुरसोल, कोलपुड़ी और ढाढरबगड़ जाने वाले पैदल रास्ते और गेरूड़ अनुसूचित बस्ती पेयजल लाइन और डाढोली तोक से गेरूड़ गांव की मुख्य पेयजल लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है। ग्राम प्रधान कमला देवी, सामाजिक कार्यकर्ता कलम सिंह, थान सिंह एवं सुरेंद्र सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का आंकलन कर प्रभावितों को उचित मुआवजा दिया जाए। ब्यूरो
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