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Chamoli News: राजकीय प्राथमिक विद्यालय घोलतीर के जर्जर भवन में पढ़ रहे बच्चे
Mon, 17 Nov 2025 06:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Mon, 17 Nov 2025 06:24 PM IST
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- वर्तमान में 13 बच्चे हैं अध्ययनरत, जर्जर हालत के कारण छात्र संख्या घट रही
- वर्ष 1973 में किया गया था विद्यालय का निर्माण
राजकीय प्राथमिक विद्यालय घोलतीर के जर्जर भवन में पढ़ रहे बच्चे
रुद्रप्रयाग। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से सटा राजकीय प्राथमिक विद्यालय घोलतीर जर्जर अवस्था में है। भवन के कमरों में दरारें आ चुकी हैं और शौचालय भी खस्ताहाल स्थिति में हैं। साथ ही भवन के पास मलबा भी जमा हुआ है। बरसात में यहां के मैदान में पानी भर जाने से भवनों से पानी रिसता रहता है जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय घोलतीर का निर्माण वर्ष 1973 में हुआ था। वर्तमान में यहां 13 बच्चे हैं और दो शिक्षिक तैनात हैं। विद्यालय की जर्जर हालत के कारण छात्र संख्या भी घटती जा रही है। विद्यालय के ध्वस्तीकरण व नवनिर्माण के संबंध में पहले भी मांग उठाई गई थी लेकिन अब तक विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि विद्यालय की हालत देख वे बच्चों को यहां भेजने से कतराते हैं। जिपं सदस्य रतूड़ा पवन कुमार, क्षेपं सदस्य मवाणा सतीश राणा व ग्राम प्रधान मवाणा रेखा राणा ने बताया कि वे कई सालों से इस भवन में चुनाव के दौरान मतदान करते आ रहे हैं मगर आज तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने विद्यालय के जल्द जिर्णोद्धार की मांग की है और चेतावनी दी कि यदि इस संबंध में जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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- जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) अजय चौधरी ने कहा कि उपनल की हड़ताल के कारण जेई की ओर से विद्यालय भवन की जांच नहीं हो पाई है। जल्द विभागीय जांच के बाद भवन के संबंध में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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- वर्ष 1973 में किया गया था विद्यालय का निर्माण
राजकीय प्राथमिक विद्यालय घोलतीर के जर्जर भवन में पढ़ रहे बच्चे
रुद्रप्रयाग। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से सटा राजकीय प्राथमिक विद्यालय घोलतीर जर्जर अवस्था में है। भवन के कमरों में दरारें आ चुकी हैं और शौचालय भी खस्ताहाल स्थिति में हैं। साथ ही भवन के पास मलबा भी जमा हुआ है। बरसात में यहां के मैदान में पानी भर जाने से भवनों से पानी रिसता रहता है जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय घोलतीर का निर्माण वर्ष 1973 में हुआ था। वर्तमान में यहां 13 बच्चे हैं और दो शिक्षिक तैनात हैं। विद्यालय की जर्जर हालत के कारण छात्र संख्या भी घटती जा रही है। विद्यालय के ध्वस्तीकरण व नवनिर्माण के संबंध में पहले भी मांग उठाई गई थी लेकिन अब तक विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि विद्यालय की हालत देख वे बच्चों को यहां भेजने से कतराते हैं। जिपं सदस्य रतूड़ा पवन कुमार, क्षेपं सदस्य मवाणा सतीश राणा व ग्राम प्रधान मवाणा रेखा राणा ने बताया कि वे कई सालों से इस भवन में चुनाव के दौरान मतदान करते आ रहे हैं मगर आज तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने विद्यालय के जल्द जिर्णोद्धार की मांग की है और चेतावनी दी कि यदि इस संबंध में जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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- जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) अजय चौधरी ने कहा कि उपनल की हड़ताल के कारण जेई की ओर से विद्यालय भवन की जांच नहीं हो पाई है। जल्द विभागीय जांच के बाद भवन के संबंध में आगे की कार्रवाई की जाएगी।