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Chamoli News: निजमुला घाटी के आलू बाजार तक पहुंचाने की चुनौती
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ढाई महीने से निजमुला-पाणा-ईराणी सड़क अवरुद्ध होने से ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है। निजमुला घाटी में आलू की बेहतर पैदावार होती है। ग्रामीण आलू को चमोली के अलावा अन्य जनपदों तक भेजते हैं, लेकिन इस वर्ष सड़क क्षतिग्रस्त होने से उनके सामने आलू व अन्य उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने की चुनौती बनीं हुई है।
यहां जुलाई माह में भेल्ताना और पगना गांव के बीच करीब 25 मीटर हिस्से में भूस्खलन हो गया था। तभी से ग्रामीण करीब 12 किमी की दूरी पैदल आवाजाही करने को मजबूर हैं। ईराणी गांव के काश्तकार सुलप सिंह और नत्थी सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष 40 क्विंटल आलू बिका था। आलू के खरीदार भेल्ताना तक ही पहुंच जाते थे, लेकिन इस बार सड़क क्षतिग्रस्त होने से आलू को बाजार तक पहुंचाना मुश्किल बना हुआ है।
ग्राम प्रधान मोहन नेगी का कहना है कि पीएमजीएसवाई की ओर से कुछ दिनों तक सड़क खोलने के लिए जेसीबी मशीन तो लगाई गई, लेकिन आजकल मशीन हटा ली गई है, जिससे सड़क के जल्द खुलने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों को लंबी दूरी पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है। यदि भूस्खलन क्षेत्र में सड़क खुल जाती है तो वीर गंगा पुल तक वाहनों की आवाजाही होने से लोगों की तीन किमी की पैदल दूरी कम हो जाएगी।
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इधर, पीएमजीएसवाई के ईई प्रमोद गंगाड़ी का कहना है कि प्रभावित क्षेत्र में एक जेसीबी मशीन सड़क को खोलने में जुटी हुई है। जल्द ही सड़क को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।
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यहां जुलाई माह में भेल्ताना और पगना गांव के बीच करीब 25 मीटर हिस्से में भूस्खलन हो गया था। तभी से ग्रामीण करीब 12 किमी की दूरी पैदल आवाजाही करने को मजबूर हैं। ईराणी गांव के काश्तकार सुलप सिंह और नत्थी सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष 40 क्विंटल आलू बिका था। आलू के खरीदार भेल्ताना तक ही पहुंच जाते थे, लेकिन इस बार सड़क क्षतिग्रस्त होने से आलू को बाजार तक पहुंचाना मुश्किल बना हुआ है।
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ग्राम प्रधान मोहन नेगी का कहना है कि पीएमजीएसवाई की ओर से कुछ दिनों तक सड़क खोलने के लिए जेसीबी मशीन तो लगाई गई, लेकिन आजकल मशीन हटा ली गई है, जिससे सड़क के जल्द खुलने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों को लंबी दूरी पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है। यदि भूस्खलन क्षेत्र में सड़क खुल जाती है तो वीर गंगा पुल तक वाहनों की आवाजाही होने से लोगों की तीन किमी की पैदल दूरी कम हो जाएगी।
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इधर, पीएमजीएसवाई के ईई प्रमोद गंगाड़ी का कहना है कि प्रभावित क्षेत्र में एक जेसीबी मशीन सड़क को खोलने में जुटी हुई है। जल्द ही सड़क को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।