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बेलपत्री जंगल के संरक्षण को आगे आए ग्रामीण
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली
Updated Sun, 24 Apr 2016 09:51 PM IST
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पीपलकोटी में छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध हाट गांव में बेलपत्री के जंगल के संरक्षण के लिए ग्रामीण आगे आए हैं। ग्रामीणों ने जंगल में वृहद पौधरोपण का संकल्प लिया है। जंगल में ग्रामीणों ने पीपल का पौधा भी रोपा गया।
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हाट गांव के इर्द-गिर्द 444 मेगावाट की जल विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है, जिससे बेलपत्री के जंगल को नुकसान हो रहा है। अब हाट, हरसारी और दुर्गापुर के ग्रामीणों ने बेलपत्री के जंगल के संरक्षण के लिए रणनीति तैयार की है।
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बेलपत्री के जंगल में ही हुई ग्रामीणों की सभा में विश्व हिंदू परिषद के जिला महामंत्री राजेंद्र हटवाल, नरेंद्र पोखरियाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य सुनील कोठियाल और तारेंद्र जोशी ने कहा कि हाट गांव में जितने भी बेलपत्री के पौधे हैं, उनका संरक्षण किया जाएगा।
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इसके तहत जंगल में में पौधे रोपे जाएंगे और इन सबका संरक्षण किया जाएगा। परियोजना निर्मात्री कंपनी टीएचडीसी और हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी को जंगल बर्बाद नहीं करने दिया जाएगा। इस दौरान महिलाओं और पुरुषों ने लक्ष्मी-नारायण मंदिर में बेलपत्री अर्पित कर पूजा-अर्चना की।