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पिछड़ा क्षेत्र के लिए निकाला जुलूस
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली (गोपेश्वर)
Updated Sat, 24 Sep 2016 09:54 PM IST
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जोशीमठ तहसील परिसर में ओबीसी की मांग को लेकर धरना देते सिंहधार के लोग।
- फोटो : Amar Ujala
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जोशीमठ ब्लॉक को पिछड़ा क्षेत्र में शामिल करने की मांग पर बीते 13 दिनों से चल रहा ग्रामीणों का आंदोलन शनिवार को भी जारी रहा। शनिवार को नगर क्षेत्र के सिंहधार वार्ड के लोगों ने जोशीमठ तहसील तक जुलूस - प्रदर्शन किया।
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धरना स्थल पर पहुंचे नगर पालिका अध्यक्ष गोपेश्वर संदीप रावत ने कहा कि सीमांत गांवों से पलायन सीमा क्षेत्र के लिए बड़ा खतरा है। कहा कि अगर पलायन पर प्रभावी रोक लगानी है तो जोशीमठ ब्लॉक को पिछड़ा क्षेत्र में शामिल किया जाना चाहिए।
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इस मौके पर पैनखंडा संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश सती, पूर्व जिला पंचायत सदस्य भरत सिंह कुंवर, बलवीर सिंह नेगी, कमला रावत, त्रिलोचना देवी, संदीप शाह, अजय शाह और माधुरी देवी आदि मौजूद थे। नगर पालिका अध्यक्ष गोपेश्वर संदीप रावत, जिला बार संघ के अध्यक्ष नंदन बिष्ट, दशोली ब्लॉक के पूर्व प्रमुख भगत बिष्ट और सुरेंद्र भिलंगवाल ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों को समर्थन दिया।
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कब से उठ रही पिछड़ा क्षेत्र की मांग
पैनखंडा संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश सती ने कहा कि वर्ष 2011 में संघर्ष समिति ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जोशीमठ को पिछड़े क्षेत्र में शामिल करने के लिए एक पत्र भेजा था, जिसके बाद प्रधानमंत्री ने मांग का संज्ञान लेते हुए 8 नवंबर 2011 को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को मामले में उचित कार्रवाई के आदेश दिए थे।
जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। वर्ष 2013 में जोशीमठ के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पिछड़े क्षेत्र का मुद्दा उनके सामने रखा तो सीएम ने तत्काल चमोली के डीएम से मामले में रिपोर्ट तलब की, जिसमें कहा था कि जोशीमठ ब्लॉक के गांव आज भी आर्थिक, सामाजिक व शैक्षिक रुप से अत्यंत पिछड़े हैं, इन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल कर आरक्षण का लाभ दिया जाना चाहिए, लेकिन तब से आज तक इस ओर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।