{"_id":"142-79929","slug":"Chamoli-79929-142","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना अनुमति पेड़ काटने पर एक लाख जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना अनुमति पेड़ काटने पर एक लाख जुर्माना
Chamoli
Updated Wed, 17 Dec 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पोखरी (चमोली)। बिना अनुमति चीड़ के पेड़ों के कटान और लकड़ी ट्रक से दूसरी जगह बेचने के लिए ले जाने के आरोप में वन निगम ने ठेकेदार के मुंशी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की रकम न भरने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं वन पंचायत कलसिर ने मुंशी से जबरन पकड़ी ढाई घन मीटर (88 फीट चीड़ की लकड़ी) को भी वन निगम के अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया है।
इन दिनों हापला-कलसिर-गोदली मोटर मार्ग का चार किमी निर्माण कार्य चल रहा है। ठेकेदार का मुंशी केदार सिंह रात के समय सड़क कटिंग के बीचोंबीच आ रहे चीड़ के पेड़ों को काटकर दूसरी जगह बेचने के लिए ले जा रहा था। बीती 12 दिसंबर को जब ग्रामीणों को इसकी सूचना मिली तो ग्रामीण रात आठ बजे निर्माणाधीन सड़क पर पहुंचे और चीड़ की लकड़ी से भरे ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन निगम और तहसील के अधिकारियों को दी और लकड़ी को वन पंचायत के सुपुर्द कर दिया। मंगलवार को गांव पहुंचकर वन निगम के अधिकारियों ने लकड़ी को अपने कब्जे में ले लिया और आरोपी मुंशी के बयान दर्ज किए। मुंशी ने निगम के अधिकारियों के सामने अपना आरोप स्वीकारते हुए कहा कि वह बिना अनुमति के लकड़ियों को काटकर दूसरी जगह बेचने के लिए ले जा रहा था। वन निगम के यूनिट अधिकारी सुरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि मुंशी केदार सिंह के विरुद्ध एक लाख रुपये का चालान काटा गया है। जब्त की गई लकड़ी को ऋषिकेश डिपो भेजा जा रहा है।
विज्ञापन
इन दिनों हापला-कलसिर-गोदली मोटर मार्ग का चार किमी निर्माण कार्य चल रहा है। ठेकेदार का मुंशी केदार सिंह रात के समय सड़क कटिंग के बीचोंबीच आ रहे चीड़ के पेड़ों को काटकर दूसरी जगह बेचने के लिए ले जा रहा था। बीती 12 दिसंबर को जब ग्रामीणों को इसकी सूचना मिली तो ग्रामीण रात आठ बजे निर्माणाधीन सड़क पर पहुंचे और चीड़ की लकड़ी से भरे ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन निगम और तहसील के अधिकारियों को दी और लकड़ी को वन पंचायत के सुपुर्द कर दिया। मंगलवार को गांव पहुंचकर वन निगम के अधिकारियों ने लकड़ी को अपने कब्जे में ले लिया और आरोपी मुंशी के बयान दर्ज किए। मुंशी ने निगम के अधिकारियों के सामने अपना आरोप स्वीकारते हुए कहा कि वह बिना अनुमति के लकड़ियों को काटकर दूसरी जगह बेचने के लिए ले जा रहा था। वन निगम के यूनिट अधिकारी सुरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि मुंशी केदार सिंह के विरुद्ध एक लाख रुपये का चालान काटा गया है। जब्त की गई लकड़ी को ऋषिकेश डिपो भेजा जा रहा है।
विज्ञापन