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बुग्यालों से पशुपालक निकले, पशु अभी भी कैद
Chamoli
Updated Wed, 17 Dec 2014 05:30 AM IST
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देवाल। बर्फबारी के चलते बुग्यालों में कैद हुए 15 से अधिक पशुपालक ग्रामीणों की मदद से गांवों को लौट आए हैं, लेकिन पशुपालकों के सैकड़ों पशु अब भी बुग्यालों में कैद हैं। समय से पहले हुई बर्फबारी के चलते पशुपालक और पशु बुग्यालों में बनी छानियों में कैद हो गए थे।
चौड़ के क्षेत्र पंचायत सदस्य हरेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार रात्रि को भारी बर्फबारी होने से गांव के कई पशुपालक और पशु डोबा बुग्याल की छानियों में कैद होकर रह गए थे। सोमवार तड़के जब ग्रामीणों को इसकी सूचना मिली तो वह बुग्यालों को रवाना हुए और देर रात तक पशुपालक को लेकर गांव लौटे। यहीं नहीं बगची और कुंभथान के बुग्यालों में बर्फबारी से छानियों में कैद हुए घेस, बलाड़, हिमनी के पशुपालक भी गांवों को लौट गए हैं, लेकिन सैकड़ों पशु अब भी बुग्यालों की छानियों में कैद हैं। घेस के हुकुम सिंह ने बताया कि बुग्यालों में चार से पांच फीट बर्फ गिरी है। मौसम खुलने पर पैदल मार्गों से बर्फ हटेगी तभी पशुओं को लाया जा सकता है।
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चौड़ के क्षेत्र पंचायत सदस्य हरेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार रात्रि को भारी बर्फबारी होने से गांव के कई पशुपालक और पशु डोबा बुग्याल की छानियों में कैद होकर रह गए थे। सोमवार तड़के जब ग्रामीणों को इसकी सूचना मिली तो वह बुग्यालों को रवाना हुए और देर रात तक पशुपालक को लेकर गांव लौटे। यहीं नहीं बगची और कुंभथान के बुग्यालों में बर्फबारी से छानियों में कैद हुए घेस, बलाड़, हिमनी के पशुपालक भी गांवों को लौट गए हैं, लेकिन सैकड़ों पशु अब भी बुग्यालों की छानियों में कैद हैं। घेस के हुकुम सिंह ने बताया कि बुग्यालों में चार से पांच फीट बर्फ गिरी है। मौसम खुलने पर पैदल मार्गों से बर्फ हटेगी तभी पशुओं को लाया जा सकता है।
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