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जगह 50 की बैठा रहे 150 से अधिक छात्र-छात्राएं

Thu, 23 Oct 2014 05:32 AM IST
Chamoli
Chamoli Updated Thu, 23 Oct 2014 05:32 AM IST
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देवाल। चार साल पहले शासन से धन प्राप्त होने के बाद भी जीआईसी देवाल के भवन का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। भवन के अभाव में अधिकांश कक्षाएं खुले आसमान के नीचे चल रही हैं। वहीं अधिकारियों का कहना है कि पुराने इस्टीमेट से भवन निर्माण नहीं हो सकता। इसके निर्माण में अब ज्यादा खर्चा आएगा।
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वर्ष 2010 में जीआईसी के भवन के लिए 92 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे। भवन निर्माण की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरईएस) को सौंपी गई थी। डेढ़ वर्ष पूर्व पुराने जर्जर भवन को ध्वस्त करने के लिए शासन से 60 लाख से अधिक रुपये भी मिले, लेकिन आज तक नए भवन का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। स्थिति यह है कि 50 छात्रों की क्षमता वाले एक-दो कक्षा-कक्षों में 150 छात्र-छात्राएं बैठ रहे हैं, जबकि अन्य कक्षाएं खुले में संचालित हो रही हैं। पूर्व प्रमुख डीडी कुनियाल और माकपा नेता भुवन मिश्रा आदि का कहना है कि विभागीय लापरवाही का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। प्रधानाचार्य एबी मिश्रा ने बताया कि कार्यदायी संस्था को कई बार भवन निर्माण के लिए कहा गया, लेकिन अधिकारी पुराने इस्टीमेट में कार्य शुरू नहीं होने की बात कह रहे हैं। इधर आरईएस के ईई केपी थपलियाल ने बताया कि चार वर्ष पुराने इस्टीमेट पर भवन निर्माण संभव नहीं है। 1 करोड़ 45 लाख का रिवाइज इस्टीमेट शासन को भेजा गया है। स्वीकृत होने और धन मिलने पर भवन निर्माण का कार्य शुरू हो पाएगा।
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