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करारी हार से कांग्रेस सदमे में
Chamoli
Updated Thu, 02 May 2013 05:30 AM IST
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कर्णप्रयाग। निकाय चुनावों में यहां कांग्रेस मुंह के बल आ गिरी है। 22 साल बाद कर्णप्रयाग का किला फतह करने वाली कांग्रेस का सपना यहां महज एक साल में ही चकनाचूर हो गया। हालात यह है कि विधानसभा की दो नगर पंचायतों में कांग्रेस का मत प्रतिशत 12.5 ही रहा, जबकि विधानसभा में यह मत प्रतिशत करीब 23 था।
विधानसभा क्षेत्र की पहली पंचायत गौचर को छोड़ दें, तो कर्णप्रयाग और गैरसैंण पंचायतों में कांग्रेस औंधे मुंह गिरी। अध्यक्ष पद पर जहां गैरसैंण में भाजपा और कर्णप्रयाग में निर्दलीय ने बाजी मारी, तो दोनों नगर पंचायतों में 14 में केवल तीन ही सभासद जीते। यहां तक कि गैरसैंण में केबिनेट, विधानसभा भवन सहित आदिबदरी तहसील की घोषणाओं को जनता ने मतदान के जरिए खारिज किया। यहां कांग्रेस का मत प्रतिशत केवल 14 रहा। विधायक एपी मैखुरी का गृह क्षेत्र सहित सांसद सतपाल महाराज की जनसभा और विधायक डा. जीतराम भी यहां कांग्रेस को संजीवनी नहीं दे पाए। स्थिति यह रही कि कांग्रेस को केवल नौ प्रतिशत जनादेश ही मिला।
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विधानसभा क्षेत्र की पहली पंचायत गौचर को छोड़ दें, तो कर्णप्रयाग और गैरसैंण पंचायतों में कांग्रेस औंधे मुंह गिरी। अध्यक्ष पद पर जहां गैरसैंण में भाजपा और कर्णप्रयाग में निर्दलीय ने बाजी मारी, तो दोनों नगर पंचायतों में 14 में केवल तीन ही सभासद जीते। यहां तक कि गैरसैंण में केबिनेट, विधानसभा भवन सहित आदिबदरी तहसील की घोषणाओं को जनता ने मतदान के जरिए खारिज किया। यहां कांग्रेस का मत प्रतिशत केवल 14 रहा। विधायक एपी मैखुरी का गृह क्षेत्र सहित सांसद सतपाल महाराज की जनसभा और विधायक डा. जीतराम भी यहां कांग्रेस को संजीवनी नहीं दे पाए। स्थिति यह रही कि कांग्रेस को केवल नौ प्रतिशत जनादेश ही मिला।
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