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बदरीनाथ हाईवे पर प्रथाडीप, मैठाणा और हेलंग भूस्खलन जोन नहीं बनेंगे परेशानी का सबब
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badrinath highway
- फोटो : amarujala
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गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा में अब प्रथाडीप, मैठाणा और हेलंग जैसे भूस्खलन क्षेत्र बाधा नहीं बनेंगे। एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास) की ओर से यहां सुधारीकरण कार्य पूरा कर लिया गया है। अब बदरीनाथ की तीर्थयात्रा शुरू होने से पहले यहां डामरीकरण कार्य पूरा किया जाना है। डीएम स्वाति एस भदौरिया ने उपजिलाधिकारी बुसरा अंसारी को लगातार कार्य की मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए।
नंदप्रयाग के समीप प्रथाडीप में वर्ष 1999 में चीड़ के जंगलों से भूस्खलन शुरू हुआ था, जो प्रतिवर्ष बरसात में हाईवे के लिए खतरनाक बना था। एनएच (लोनिवि) की ओर से विगत वर्ष जुलाई माह में चट्टान साइड से सुधारीकरण कार्य शुरू हुआ था जो अब पूरा हो गया है। यहां पर हाईवे लगभग आठ मीटर तक चौड़ा हो गया है। मैठाणा भूस्खलन क्षेत्र में अलकनंदा से लेकर पलेठी गांव को जाने वाली सड़क तक सुधारीकरण कार्य भी किया गया। करीब चार सौ मीटर हिस्से में सुरक्षा दीवार और हाईवे के समतलीकरण का कार्य हुआ है। यहां पर हाईवे की चौड़ाई करीब बारह मीटर तक की गई है।
जोशीमठ से दस किलोमीटर पहले हेलंग में अलकनंदा और हिल साइड सुरक्षा दीवार निर्माण और हाईवे का समतलीकरण कार्य किया गया है। वर्ष 2013 की आपदा के दौरान हाईवे कई जगहों पर धंस गया था। डीएम स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा शुरू होने से पहले इन भूस्खलन क्षेत्रों में हाईवे पूरी तरह से चाक-चौबंद कर लिया जाएगा। यहां यात्रा से पहले डामरीकरण कार्य पूरा हो जाएगा।
नंदप्रयाग के समीप प्रथाडीप में वर्ष 1999 में चीड़ के जंगलों से भूस्खलन शुरू हुआ था, जो प्रतिवर्ष बरसात में हाईवे के लिए खतरनाक बना था। एनएच (लोनिवि) की ओर से विगत वर्ष जुलाई माह में चट्टान साइड से सुधारीकरण कार्य शुरू हुआ था जो अब पूरा हो गया है। यहां पर हाईवे लगभग आठ मीटर तक चौड़ा हो गया है। मैठाणा भूस्खलन क्षेत्र में अलकनंदा से लेकर पलेठी गांव को जाने वाली सड़क तक सुधारीकरण कार्य भी किया गया। करीब चार सौ मीटर हिस्से में सुरक्षा दीवार और हाईवे के समतलीकरण का कार्य हुआ है। यहां पर हाईवे की चौड़ाई करीब बारह मीटर तक की गई है।
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जोशीमठ से दस किलोमीटर पहले हेलंग में अलकनंदा और हिल साइड सुरक्षा दीवार निर्माण और हाईवे का समतलीकरण कार्य किया गया है। वर्ष 2013 की आपदा के दौरान हाईवे कई जगहों पर धंस गया था। डीएम स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा शुरू होने से पहले इन भूस्खलन क्षेत्रों में हाईवे पूरी तरह से चाक-चौबंद कर लिया जाएगा। यहां यात्रा से पहले डामरीकरण कार्य पूरा हो जाएगा।
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