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स्यूणी मल्ली गांव में वन कर्मियों ने किया पेड़ों के चिन्हीकरण का कार्य शुरू
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Starting the Tree Shrubs
- फोटो : amarujala
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गैरसैंण। स्यूणी मल्ली गांव तक सड़क के लिए आंदोलनरत ग्रामीणों का आंदोलन आखिरकार रंग लाया। ग्रामीणों के आंदोलन के दो माह बाद लोनिवि ने सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी। इसके तहत बृहस्पतिवार को वन विभाग ने सड़क निर्माण के दायरे में आने वाले जंगल में पेड़ों का छपान शुरू कर दिया।
गैरसैंण ब्लॉक के स्यूणीमल्ली गांव के लिए आगरचट्टी से स्यूणीमल्ली तक छह किमी सड़क स्वीकृत थी लेकिन लोनिवि की लापरवाही के कारण सड़क का निर्माण नहीं हो पाया। ऐसे में ग्रामीणों को गंतव्य तक पहुंचे के लिए छह से आठ किमी तक पैदल दूरी नापनी पड़ रही थी। सड़क निर्माण के लिए ग्रामीणों ने नौ जनवरी से धरना भी दिया। इसके बाद भी सड़क निर्माण न होता देख स्यूणीमल्ली के ग्रामीण एकजुट हुए और खुद सड़क निर्माण में जुट गए। ग्रामीणों ने श्रमदान से 300 मीटर सड़क काट कर शासन-प्रशासन और कार्यदायी विभाग को आइना दिखाया। इससे आगे वन भूमि होने के कारण ग्रामीणों ने काम रोक दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी यदि जल्द यहां सड़क निर्माण शुरू नहीं किया गया तो वन भूमि पर भी सड़क निर्माण किया जाएगा। वहीं अन्य ग्रामीण धरने पर भी डटे रहे। ग्राम प्रधान लीला देवी, ध्यान सिंह, राजेंद्र सिंह बिष्ट आदि ने बताया कि ग्रामीणों के आंदोलन के फलस्वरूप बृहस्पतिवार को वन विभाग की ओर से सड़क निर्माण की कार्रवाई शुरू की गई। वन क्षेत्राधिकारी हरीश नेगी के नेतृत्व में वन कर्मियों ने निर्माणाधीन सड़क के दायरे में आने वाले जंगल में पेड़ों का छपान किया। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक कार्यदायी विभाग की ओर से सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया जाता उनका आंदोलन अनवरत रूप से जारी रहेगा।
गैरसैंण ब्लॉक के स्यूणीमल्ली गांव के लिए आगरचट्टी से स्यूणीमल्ली तक छह किमी सड़क स्वीकृत थी लेकिन लोनिवि की लापरवाही के कारण सड़क का निर्माण नहीं हो पाया। ऐसे में ग्रामीणों को गंतव्य तक पहुंचे के लिए छह से आठ किमी तक पैदल दूरी नापनी पड़ रही थी। सड़क निर्माण के लिए ग्रामीणों ने नौ जनवरी से धरना भी दिया। इसके बाद भी सड़क निर्माण न होता देख स्यूणीमल्ली के ग्रामीण एकजुट हुए और खुद सड़क निर्माण में जुट गए। ग्रामीणों ने श्रमदान से 300 मीटर सड़क काट कर शासन-प्रशासन और कार्यदायी विभाग को आइना दिखाया। इससे आगे वन भूमि होने के कारण ग्रामीणों ने काम रोक दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी यदि जल्द यहां सड़क निर्माण शुरू नहीं किया गया तो वन भूमि पर भी सड़क निर्माण किया जाएगा। वहीं अन्य ग्रामीण धरने पर भी डटे रहे। ग्राम प्रधान लीला देवी, ध्यान सिंह, राजेंद्र सिंह बिष्ट आदि ने बताया कि ग्रामीणों के आंदोलन के फलस्वरूप बृहस्पतिवार को वन विभाग की ओर से सड़क निर्माण की कार्रवाई शुरू की गई। वन क्षेत्राधिकारी हरीश नेगी के नेतृत्व में वन कर्मियों ने निर्माणाधीन सड़क के दायरे में आने वाले जंगल में पेड़ों का छपान किया। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक कार्यदायी विभाग की ओर से सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया जाता उनका आंदोलन अनवरत रूप से जारी रहेगा।
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