{"_id":"56f171b74f1c1b4d68f14d24","slug":"14-km-route-in-nine-years-to-create","type":"story","status":"publish","title_hn":"14 किमी मार्ग नौ साल से अधर में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
14 किमी मार्ग नौ साल से अधर में
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली
Updated Tue, 22 Mar 2016 09:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्लाक के पांच गांवों को लाभ देने वाले जयकंडी-मैैखुरा मार्ग को विभाग नौ सालों में नहीं बना पाया है। हालत यह है कि ग्रामीण अब भी तीन से पांच किमी की पैदल दूरी नाप रहे हैं और विभाग सड़क के निर्माण के लिए अनुबंध तैयार कर छह माह में निर्माण की बात कह रहा है।
विज्ञापन
वर्ष 2007 में बदरीनाथ हाईवे से पांच गांवों के लिए 14 किमी सड़क पर निर्माण कार्य शुरू किया गया। उद्देश्य था कि ग्वाड़, आमसौड़, बणसोली, मैखुरा, कांडा आदि गांवों की 1500 से अधिक आबादी को सड़क सुविधा का लाभ पहुंचाया जा सके, लेकिन नौ साल बाद भी विभाग महज दो किमी सड़क ही काट पाया।
विज्ञापन
सड़क निर्माण संघर्ष समिति के पूर्व अध्यक्ष चक्रधर खंडूड़ी, ग्राम प्रधान राकेश लाल, कैलाश खंडूड़ी, जगदंबा प्रसाद और आम आदमी पार्टी के विधानसभा प्रभारी देवी प्रसाद मैखुुरी आदि ने कहा कि सड़क के लिए लगातार आंदोलन के बावजूद विभाग ने उदासीन रवैया बरते रखा।
विज्ञापन
यदि जल्द मार्ग पर तेजी से कार्य नहीं किया जाता तो जन आंदोलन किया जाएगा। वहीं गौचर लोनिवि के अधिशासी अभियंता बीआर टम्टा ने बताया कि सड़क पर छह सालों से स्थानीय ठेकेदारों की ओर से काम न करने से दिक्कतें हुई।
उन्हें अब फोर फिट कर नए ठेकेदार के साथ तीन से आठ किमी तक निर्माण कार्य का अनुबंध कर दिया गया है। साथ ही छह माह में सड़क निर्माण कार्य पूरा करने के लिए कहा गया है।