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जल संस्थान की आपूर्ति व्यवस्था हुई फेल, पालिका ने बांटा पानी
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Thu, 30 Aug 2018 11:25 PM IST
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ागेश्वर में पानी बांटता नगर पालिका का टैंकर।
- फोटो : अमर उजाला
भारी बारिश के साथ ही जल संस्थान के कुप्रबंधन के चलते क्षतिग्रस्त योजनाएं अभी तक दुरुस्त नहीं हो पाई हैं। क्षेत्र के कई इलाकों में पखवाड़े भर से आपूर्ति ठप पड़ी है। ऐसे में जल संस्थान की वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था भी फेल हो गई है। जल संस्थान के वाहनों के जवाब देने के बाद नगर पालिका के टैंकर ने प्रभावित इलाकों में पानी बांटा।
बृहस्पतिवार को भी नगर पंपिंग योजना ठप रही। इससे नगर के बड़े हिस्से की आपूर्ति लगातार ठप रही। कठायतबाड़ा, दुगबाजार, स्टेशन रोड, मंडलसेरा के क्षेत्रवासियों को पेयजल के लिए जूझना पड़ा। जल संस्थान के वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था वाहनों की खराबी के चलते चरमरा गई। क्षेत्रवासियों को चार-पांच किमी दूर प्राकृतिक स्रोत और हैंडपंपों से भी पानी ढोना पड़ा।
समस्या को देखते हुए नगर पालिका के टैंकर ने सड़क किनारे रहने वाली प्रभावित आबादी को पानी बांटा। इधर, क्षतिग्रस्त जखेड़ा पेयजल योजना तीन दिन बाद भी दुरुस्त नहीं हो पाई। इससे क्षेत्रवासियों को हलक तर करने के लिए प्राकृतिक स्रोत का रुख करना पड़ा। ईई नंद किशोर ने बताया कि क्षतिग्रस्त योजनाओं की मरम्मत की जा रही है। उन्होंने जल्द आपूर्ति बहाल करने का भरोसा दिया।
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बृहस्पतिवार को भी नगर पंपिंग योजना ठप रही। इससे नगर के बड़े हिस्से की आपूर्ति लगातार ठप रही। कठायतबाड़ा, दुगबाजार, स्टेशन रोड, मंडलसेरा के क्षेत्रवासियों को पेयजल के लिए जूझना पड़ा। जल संस्थान के वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था वाहनों की खराबी के चलते चरमरा गई। क्षेत्रवासियों को चार-पांच किमी दूर प्राकृतिक स्रोत और हैंडपंपों से भी पानी ढोना पड़ा।
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समस्या को देखते हुए नगर पालिका के टैंकर ने सड़क किनारे रहने वाली प्रभावित आबादी को पानी बांटा। इधर, क्षतिग्रस्त जखेड़ा पेयजल योजना तीन दिन बाद भी दुरुस्त नहीं हो पाई। इससे क्षेत्रवासियों को हलक तर करने के लिए प्राकृतिक स्रोत का रुख करना पड़ा। ईई नंद किशोर ने बताया कि क्षतिग्रस्त योजनाओं की मरम्मत की जा रही है। उन्होंने जल्द आपूर्ति बहाल करने का भरोसा दिया।
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