पलायन कर चले गए लोग लौटें : कोश्यारी
विकास खंड कपकोट के सुदूरवर्ती लीती गांव में सोमवार को अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस धूमधाम से मनाया गया। पर्यटन विभाग और चिनार संस्था के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि नैनीताल के सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने किया। उन्होंने पलायन कर चले गए लोगों को पहाड़ लौटकर इसका गौरव बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पहाड़ ने देश को हिमालय, हवा, पानी और आंखों को सुख देने वाली छटा दी है। इसके संरक्षण और विकास की हर किसी को चिंता होनी चाहिए।
ग्राम पंचायत लीती के कुथैय्या ताल में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व सीएम कोश्यारी ने कहा कि पहाड़ में सब कुछ है सिर्फ संवारने की आवश्यकता है। पहले की अपेक्षा अब कई गांव सड़क से जुड़ चुके हैं। सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए हैं। कहा कि लीती गांव में पांच लोगों ने होम स्टे तैयार किए हैं। इन्हें बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए पर्यटन विभाग महिलाओं को प्रशिक्षण देेगा। इस दौरान बच्चों की माउंटेन दौड़ और साहसिक प्रतियोगिताएं भी हुईं। कोश्यारी ने एवरेस्ट विजेता पूजा मेहरा को सम्मानित किया।
इससे पहले पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक पूनम चंद ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन नैनीताल से पहुंचे हेमंत बिष्ट ने किया। वहां जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी, विधायक बलवंत भौर्याल, भाजपा जिलाध्यक्ष शेर सिंह गढ़िया, ब्लॉक प्रमुख मनोहर राम, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्व जिपं अध्यक्ष राम सिंह कोरंगा, नगर पंचायत अध्यक्ष चंपा देवी, चिनार संस्था के अध्यक्ष प्रदीप मेहता, एसडीएम विरेंद्र बिष्ट, जिला पर्यटन अधिकारी पीके गौतम, ग्राम प्रधान आनंद प्रसाद, विभिन्न गांवों के प्रधान, बीडीसी सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। अतिथियों ने कार्यक्रम पेश करने वाले कलाकारों को पुरस्कृत किया।
पूर्व डीएम ने अपने बेटे का नाम नामिक रखा
पूर्व मुख्यमंत्री कोश्यारी ने कहा कि पिथौरागढ़ जिले के पूर्व डीएम डॉ. आर. राजेश कुमार पहली बार जिले के अंतिम गांव नामिक गांव गए। उन्हें गांव इतना भा गया कि उन्होंने अपने बेटे का नाम ही नामिक रख दिया। अब उनके बेटे ने भी पहाड़ में पर्यटन के क्षेत्र में काम करने का संकल्प लिया है। पर्यटन विभाग ने नामिक ग्लेश्यिर को 2018 का ट्रैक ऑफ द ईयर घोषित किया है।
गोपुली भल छू त्यर गौं....
बागेश्वर। अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस पर लीती में आयोजित कार्यक्रम में आसपास के गांवों के लोगों की पारंपरिक चांचरी, झोड़ा और छोलिया नृत्यों की प्रतियोगिता हुई। ग्रामीणों ने पारंपरिक गीतों पर बढ़-चढ़कर प्रस्तुति दी। ग्रामीणों ने खोल दे माता खोल भवानी...झोड़ा गाया। वहीं गोपुली भल छू त्यर गौं...चांचरी गीत पर नृत्य की प्रस्तुति क्या दी, पूर्व मुख्यमंत्री भगत दा भी अपने को रोक नहीं पाए। उन्हें चांचरी के गीत में कदम मिलाते देख विधायक बलवंत भौर्याल आदि ने भी उनका साथ दिया। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों, ढोल दमाऊ और छोलिया नृत्य का लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया।
स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी सबको भायी
बागेश्वर। लीती में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई थी। इनमें ऊन और रिंगाल से बने उत्पाद शामिल थे। पूर्व सीएम ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कारोबार को बढ़ावा देने से पहाड़ के लोग पहाड़ पर ही रहेंगे। पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
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