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UK: घर से मुस्कुराते हुए निकले थे दयानंद टम्टा, कातिल ने पलभर में उजाड़ दिया संसार; ये है हत्या का कारण

Sat, 18 Jul 2026 10:04 PM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, बागेश्वर
अमर उजाला नेटवर्क, बागेश्वर Published by: Heera Updated Sat, 18 Jul 2026 10:04 PM IST
सार

बागेश्वर में शनिवार सुबह भटखोला राजकीय इंटर कॉलेज के प्रभारी प्रधानाचार्य दयानंद टम्टा की उनके घर के पास ही चाकू मारकर हत्या कर दी गई। वे सुबह नाश्ता करके मुस्कुराते हुए स्कूल जा रहे थे, तभी आरोपी ने घात लगाकर उन पर हमला कर दिया।

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Principal murdered in public in Bageshwar

विस्तार

 

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बागेश्वर जिले में शनिवार सुबह रोजाना की तरह सामान्य थी। भटखोला राजकीय इंटर कॉलेज के प्रभारी प्रधानाचार्य दयानंद टम्टा अपने घर सैंज से सुबह का नाश्ता कर मुस्कुराते हुए स्कूल के लिए निकले थे लेकिन घर से कुछ ही दूरी पर घात लगाए आरोपी ने चाकू से हमला कर सबकुछ उजाड़ दिया।

 

घटना के बाद अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतक की पत्नी अनीता देवी खुद राजकीय जूनियर हाईस्कूल अमसरकोट में शिक्षिका हैं। उनकी बेटी प्रशस्ति ने बीते वर्ष ही इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की है जबकि बेटा प्रज्जवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। हंसते-खेलते परिवार पर टूटे दुखों के इस पहाड़ से पूरी घाटी में मातम पसरा है। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन भी किया।

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फरवरी का रुका है वेतनभटखोला राजकीय इंटर कॉलेज के प्रभारी प्रधानाचार्य दयानंद टम्टा की सरेराह चाकू मारकर नृशंस हत्या कर दी गई। पुलिस और विभागीय जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड के पीछे गहरी विभागीय रंजिश और खुन्नस थी। आरोपी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी नवल किशोर सोराड़ी का फरवरी माह से वेतन रुका हुआ था जिससे वह प्रभारी प्रधानाचार्य से रंजिश पाले हुए था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं शिक्षा विभाग ने उसके निलंबन की संस्तुति भेज दी है।

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बीईओ दफ्तर में बदसलूकी के बाद रुका था आरोपी का वेतन
खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) आशाराम ने बताया कि आरोपी नवल किशोर सोराड़ी का दो साल पहले जीआईसी बदियाकोट से पदोन्नति पाकर भटखोला तबादला हुआ था। इसी वर्ष फरवरी में आरोपी ने बीईओ कार्यालय में एक अन्य प्रशासनिक अधिकारी के साथ सरेआम बदसलूकी की थी।

इस घोर अनुशासनहीनता को देखते हुए बीईओ दफ्तर ने प्रभारी प्रधानाचार्य दयानंद टम्टा को आरोपी का वेतन रोकने के आदेश दिए थे। वेतन रुकने से नाराज आरोपी ने घटना से एक दिन पहले शुक्रवार को स्कूल पहुंचे बीईओ से भी बात की थी। बीईओ ने उसे प्रत्यावेदन (आवेदन) लेकर कार्यालय आने की सलाह दी थी लेकिन आरोपी ने शुक्रवार शाम करीब चार बजे बीईओ को फोन कर कार्यालय में आकर पीटने की धमकी भी दी थी।

आरोपी गिरफ्तार, शिक्षा विभाग ने भेजी निलंबन की संस्तुति
हत्याकांड के बाद पुलिस और शिक्षा विभाग दोनों ने तत्काल कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की। झिरौली पुलिस और फॉरेंसिक टीम (अल्मोड़ा व बागेश्वर) ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद कर लिया है। शिक्षक गोकुल चंद्र की तहरीर के आधार पर थाना झिरौली में प्राथमिकी दर्ज की गई। सीओ मनीष शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी नवल किशोर सोराड़ी को करालागांव यात्री शेड से गिरफ्तार कर लिया। मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) विनय कुमार ने मामले का संज्ञान लेते हुए माध्यमिक व प्रारंभिक शिक्षा निदेशक (देहरादून) को अपनी रिपोर्ट भेज दी है। आरोपी के खिलाफ संगीन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उसके निलंबन की संस्तुति निदेशक को प्रेषित कर दी गई है, ताकि विभाग में अनुशासनहीनता पर सख्त संदेश दिया जा सके।

अधिकारियों के न पहुंचने और स्कूल बंद न करने पर फूटा गुस्सा
जिला अस्पताल में प्रदर्शन कर रहे मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के रवैये पर गहरी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि जिले में दिनदहाड़े एक प्रभारी प्रधानाचार्य की नृशंस हत्या जैसी वारदात होने के बावजूद न तो डीएम और न ही एसपी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने इस बात पर भी तीखा रोष जताया कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी शोक या सुरक्षा के मद्देनजर जिले के स्कूलों में तत्काल बंदी घोषित नहीं की गई।

 

इमरजेंसी कक्ष में बैठ गए प्रशासनिक अधिकारी, मरीज रहे बेहाल
वारदात के बाद जिला अस्पताल में ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। अस्पताल परिसर में जगह कम होने और सुरक्षा कारणों से देर शाम पुलिस और प्रशासन के अधिकारी परिजनों से वार्ता करने के लिए अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष के भीतर ही बैठ गए। इस दौरान कोतवाल, सीओ और एसडीएम ने इमरजेंसी रूम से ही वार्ता करने के कारण वहां अव्यवस्था फैल गई जिससे दूर-दराज से उपचार के लिए आने वाले गंभीर मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बाद में अस्पताल प्रशासन के कहने बाद किसी तरह इमरजेंसी कक्ष खाली हुआ।

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