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Bageshwar News: किसानों की आजीविका का जरिया बनेगा तेजपात
Sat, 01 Jul 2023 01:18 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sat, 01 Jul 2023 01:18 AM IST
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अल्मोड़ा। मानसूनकाल शुरू होते ही पौधरोपण कार्यक्रम की रूपरेखा तय होने लगी है। इसके लिए भेषज संघ भी आगे आया है। संघ इस मानसूनकाल में तेजपाल के 12 हजार पौधों का रोपण करेगा जिसका सीधा लाभ 415 किसानों को मिलेगा। इससे पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा और औषधीय जंगल विकसित होने से यह किसानों की आजीविका का स्रोत बनेंगे।
भेषज संघ के मुताबिक इस मानसूनकाल लमगड़ा ब्लॉक में 1245 नाली भूमि में 12450 तेजपात के पौधे रोपे जाएंगे। संघ के सहयोग से विकासखंड के 415 किसान तेजपात का पौधरोपण करेंगे। संघ किसानों को निशुल्क पौधे उपलब्ध कराएगा और कलस्टर के माध्यम से पौधरोपण किया जाएगा। भेषज संघ के मुताबिक जंगली जानवर खासकर बंदर इसे नुकसान नहीं पहुंचाते। ऐसे में इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। तेजपात और इसके पेड़ से मिलने वाली दालचीनी किसानों की आजीविका का बेहतर जरिया बनेगी। तेजपात का किसानों को 50 रुपये प्रति किलो दाम मिलेगा।
अगले 100 वर्षों तक कर सकेंगे पत्तियों का दोहन
अल्मोड़ा। भेषज संघ के मुताबिक रोपण के चार साल बाद पौधा तेजपात के दोहन के लिए तैयार होगा। किसान अगले 100 सालों तक इस पेड़ से पत्तियों का दोहन कर सकेंगे, जो उनकी आर्थिकी में सुधार लाएगा।
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3896 किसान कर रहे हैं जड़ी-बूटी का उत्पादन
अल्मोड़ा। भेषज संघ में पंजीकृत 3896 किसान वर्तमान में रीठा, आंवला, बिच्छू घास, तेजपात, धुनैल, सफेद चंदन, तुलसी आदि जड़ी-बूटी का उत्पादन कर सालाना लाखों की कमाई कर रहे हैं। पिछले वर्ष जिले के किसानों ने 609 नाली भूमि में इन जड़ी बूटियों का 98.45 क्विंटल उत्पादन कर 64 लाख रुपये की कमाई की। ये जड़ी बूटियां बंदरों से भी सुरक्षित हैं जिससे किसानों के हौसले बुलंद हैं।
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यहां होगा तेजपात के पौधों का रोपण
-भेषज संघ भट्युड़ा में 2970, ध्युली धौनी में 2250, खांकर में 2400, दाड़मी में 1380, बसगांव में 2550 और छाना खरकोटा में 900 पौधे तेजपात के रोपेगा।
तेजपात जिले के किसानों की आजीविका बढ़ाने का बेहतर विकल्प है। मानसूनकाल में 12 हजार से अधिक तेजपात के पौधों का रोपण होगा। किसानों को निशुल्क पौध उपलब्ध कराई जाएगी।
पंकज कुमार पंत, समन्वयक, भेषज संघ, अल्मोड़ा।
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भेषज संघ के मुताबिक इस मानसूनकाल लमगड़ा ब्लॉक में 1245 नाली भूमि में 12450 तेजपात के पौधे रोपे जाएंगे। संघ के सहयोग से विकासखंड के 415 किसान तेजपात का पौधरोपण करेंगे। संघ किसानों को निशुल्क पौधे उपलब्ध कराएगा और कलस्टर के माध्यम से पौधरोपण किया जाएगा। भेषज संघ के मुताबिक जंगली जानवर खासकर बंदर इसे नुकसान नहीं पहुंचाते। ऐसे में इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। तेजपात और इसके पेड़ से मिलने वाली दालचीनी किसानों की आजीविका का बेहतर जरिया बनेगी। तेजपात का किसानों को 50 रुपये प्रति किलो दाम मिलेगा।
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अगले 100 वर्षों तक कर सकेंगे पत्तियों का दोहन
अल्मोड़ा। भेषज संघ के मुताबिक रोपण के चार साल बाद पौधा तेजपात के दोहन के लिए तैयार होगा। किसान अगले 100 सालों तक इस पेड़ से पत्तियों का दोहन कर सकेंगे, जो उनकी आर्थिकी में सुधार लाएगा।
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3896 किसान कर रहे हैं जड़ी-बूटी का उत्पादन
अल्मोड़ा। भेषज संघ में पंजीकृत 3896 किसान वर्तमान में रीठा, आंवला, बिच्छू घास, तेजपात, धुनैल, सफेद चंदन, तुलसी आदि जड़ी-बूटी का उत्पादन कर सालाना लाखों की कमाई कर रहे हैं। पिछले वर्ष जिले के किसानों ने 609 नाली भूमि में इन जड़ी बूटियों का 98.45 क्विंटल उत्पादन कर 64 लाख रुपये की कमाई की। ये जड़ी बूटियां बंदरों से भी सुरक्षित हैं जिससे किसानों के हौसले बुलंद हैं।
यहां होगा तेजपात के पौधों का रोपण
-भेषज संघ भट्युड़ा में 2970, ध्युली धौनी में 2250, खांकर में 2400, दाड़मी में 1380, बसगांव में 2550 और छाना खरकोटा में 900 पौधे तेजपात के रोपेगा।
तेजपात जिले के किसानों की आजीविका बढ़ाने का बेहतर विकल्प है। मानसूनकाल में 12 हजार से अधिक तेजपात के पौधों का रोपण होगा। किसानों को निशुल्क पौध उपलब्ध कराई जाएगी।
पंकज कुमार पंत, समन्वयक, भेषज संघ, अल्मोड़ा।