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वन पंचायत सरपंचों की बैठक में हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Sat, 26 Dec 2015 01:17 AM IST
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वन पंचायत के सरपंचों की यहां हुई बैठक में ब्लॉक, तहसील इकाई के गठन के बगैर जिला इकाई गठित होने पर हंगामा हो गया। तय किया गया कि ब्लॉक, तहसील इकाईयों का गठन करने के बाद ही जिला इकाई बने। वक्ताओं ने सरपंचों से वन पंचायतों की मजबूती के लिए समर्पित भाव से काम करने को कहा।
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राधाकृष्ण मंदिर परिसर में शनिवार को हुई बैठक में सरपंचों ने कहा कि जिला इकाई का गठन लोकतंत्र की परंपराओं के अनुसार ही होना चाहिए। इसके बावजूद यहां सभी ब्लॉक, तहसील स्तर पर संगठन बने बिना जिला इकाई का गठन करना हास्यास्पद है।
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सरपंचों से ब्लॉक, तहसील इकाई के गठन का सुझाव दिया। बैठक में शासन से वन पंचायतों के संरक्षण, विकास के लिए प्रभावी कार्रवाई करने, सभी वन पंचायतों को पौधरोपण आदि विकास के लिए बजट दिलाया जाए। वन पंचायत की आय, रॉयल्टी में वन विभाग का कोई हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। ग्राम्या, जलागम विभाग द्वारा पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत क्षेत्र में कराए जाने वाले सभी कार्य सरपंचों के जरिए कराए जाएं।
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वन पंचायत के सरपंचों को बीडीसी बैठकों में बुलाया जाए। समस्याओं का शीघ्र समाधान न होने पर आंदोलन शुरू करने की चेेतावनी दी गई। वहां अध्यक्ष पूरन रावल, रमेश चंद्र तिवारी, पंकज बिष्ट, भुवन लोहनी, वीरेंद्र परिहार, गिरीश उप्रेती, दिनेश पांडे, तारा दत्त उप्रेती, नरेंद्र परिहार, भगत सिंह परिहार, मोहन चंद्र डंगवाल, भूपाल सिंह परिहार आदि थे।