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Bageshwar News: कब तक जलता रहेगा बागेश्वर में कूड़ा?

Wed, 22 Mar 2023 11:50 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर Updated Wed, 22 Mar 2023 11:50 PM IST
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Fire in Trenching Ground
कब तक जलता रहेगा बागेश्वर में कूड़ा?
बागेश्वर। साठ के दशक में अस्तित्व में आए बागेश्वर नगर के कूड़ा निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। नगर के कूड़े का निस्तारण दफौट रोड के किनारे कर दिया जाता है। इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच ही रहा है। साथ ही आसपास का वातावरण प्रदूषित हो रहा है। कूड़ा निस्तारण स्थल के पास ही जिले की पुलिस लाइन है। पुलिस कर्मी भी कूड़े से परेशान हैं।
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नगरपालिका के आकलन के अनुसार बागेश्वर नगर से प्रतिदिन करीब आठ टन कचरा निकलता है। ट्रंचिंग ग्राउंड न होने से कूड़े का निस्तारण पुलिस लाइन के पास बागेश्वर-दफौट सड़क के किनारे कर दिया जाता है। कूड़ा निस्तारण के लिए कोई कवर्ड एरिया भी नहीं बनाया गया है। पालिका कूड़ा निस्तारण स्थल पर एक-दो टिन लगाकर कर्तव्यों की इतिश्री कर लेती है। दशकों से कूड़ा इस स्थान पर डाला जा रहा है। सड़क तक कूड़ा फैला रहता है।
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दफौट मार्ग में जिस स्थान पर कूड़ा डाला जा रहा है। वह इलाका चीड़ और अन्य बेशकीमती पेड़ों से घिरा है। कचरे के कारण वनस्पतियों को भी जबरदस्त नुकसान हो रहा है। कूड़े में हर समय आग लगी रहती है। पुलिस लाइन तक धुआं फैला रहता है और सड़ांध उठती रहती है। इससे वहां से लोगों का गुजरना दूभर हो जाता है। दफौट और मालता क्षेत्र के लोग कई बार कूड़ा डालने का विरोध कर चुके हैं।
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बीते जनवरी में क्षेत्र के लोगों ने कूड़े के विरोध में आंदोलन शुरू कर दिया था। नगर पालिका के अधिकारियों ने एक साल की मोहलत मांगकर लोगों के गुस्से को शांत किया था। ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए जिला प्रशासन ने पगना में पालिका को 0.813 हेक्टेयर राजस्व भूमि आवंटित की है। पालिका ने 3.07 करोड़ लागत की डीपीआर तैयार की है। कब डीपीआर को शासन से मंजूरी मिलती है, कब रकम आवंटित होती है, इसका इंतजार सबको है।

सरयू नदी का जल होता प्रदूषित
बागेश्वर। जिस स्थान पर कूड़े का निस्तारण किया जाता है उसके पास नीचे ही सरयू नदी बहती है। बरसात में कूड़ा ढलान में बहकर सरयू नदी में जाता है और नदी को भी दूषित करता है। इस बात को सरकार और प्रशासन को गंभीरता से लेना होगा।


सोमवार को देहरादून में शहरी विकास निदेशालय को टंर्चिंग ग्राउंड की डीपीआर सौंपी है। जल्द धनावंटन की मांग की गई है ताकि ट्रंचिंग ग्राउंड बनाया जा सके। कूड़े पर कबाड़ बीनने वाले आग लगते हैं। कई बार दमकल विभाग का सहयोग लेकर आग बुझाई जा चुकी है। आग लगाने वाले तत्वों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। - सतीश कुमार, ईओ, नगरपालिका, बागेश्वर।
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