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Bageshwar News: अल्मोड़ा के 145 जीआईसी में पढ़ाने के लिए नहीं हैं 854 शिक्षक
Sat, 01 Jul 2023 01:19 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sat, 01 Jul 2023 01:19 AM IST
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अल्मोड़ा। जिले में शिक्षा व्यवस्था के बुरे हाल हैं। 145 इंटर कॉलेज में शिक्षकों के 854 रिक्त पद हैं। 132 विद्यालयों में प्रधानाचार्य की भी तैनाती नहीं है। ऐसे में यहां 25 हजार से अधिक विद्यार्थी बगैर गुरु के ज्ञान लेने के लिए मजबूर हैं।
जिले में 145 जीआईसी संचालित हैं। इनमें 25 हजार विद्यार्थी सुनहरे भविष्य के सपने लिए पढ़ने पहुंच रहे हैं। इन विद्यालयों में उन्हें पढ़ाने के लिए शिक्षकों की भारी कमी है जिससे वे परेशान हैं। इन विद्यालयों में प्रवक्ताओं के 1333 पद स्वीकृत हैं। 591 पद वर्षों से रिक्त चल रहे हैं। एलटी संवर्ग में स्वीकृत शिक्षकों के 1716 पदों के सापेक्ष 1453 शिक्षक तैनात हैं जबकि 263 की तैनाती नहीं हुई है। इन सब के बीच नई शिक्षा नीति लागू कर शिक्षा व्यवस्था में बेहतरी के दावे किए जा रहे हैं। संवाद
132 विद्यालयों में नहीं हैं प्रधानाचार्य
अल्मोड़ा। जिले के 90 प्रतिशत इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य विहीन हैं। यहां संचालित 145 इंटर कॉलेज के सापेक्ष महज 13 विद्यालयों में ही प्रधानाचार्य तैनात हैं। 132 विद्यालय प्रभारी प्रधानाचार्य के भरोसे संचालित हो रहे हैं। धौलादेवी विकासखंड में संचालित 14 में से एक भी इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य नहीं हैं।
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आज से खुलेंगे विद्यालय
अल्मोड़ा। गर्मियों की छुट्टियां खत्म होने के बाद शनिवार से सरकारी, अशासकीय स्कूल खुल रहे हैं। ग्रीष्म अवकाश के बाद बच्चे भी स्कूल जाने के लिए उत्सुक हैं। स्कूल खुलने से पहले प्रवासी विद्यार्थी भी अपने गांव से शहर में लौट आए हैं।
विकासखंड इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य विहीन विद्यालय
हवालबाग 15 10
भैंसियाछाना 07 07
ताकुला 10 09
लमगड़ा 13 12
धौलादेवी 14 14
ताड़ीखेत 17 16
द्वाराहाट 13 12
चौखुटिया 10 09
स्याल्दे 12 11
भिकियासैंण 12 11
सल्ट 22 21
कोट-
शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के रिक्त पदों की सूचना निदेशालय को दी गई है। खाली पदों पर नियुक्ति शासन स्तर से ही संभव है।
हेमलता भट्ट, सीईओ, अल्मोड़ा।
दो प्रवक्ताओं के स्थानांतरण से अभिभावक भड़के, आंदोलन की दी चेतावनी
भतरौंजखान (अल्मोड़ा)। पहले से ही विद्यालयों की कमी से जूझ रहे अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर काॅलेज चौनलिया से दो प्रवक्ताओं का स्थानांतरण करने पर अभिभावकों में नाराजगी है। उन्होंने जल्द शिक्षकों की तैनाती नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। अभिभावकों ने कहा कि जीव विज्ञान और भूगोल विषय के प्रवक्ताओं का बगैर प्रतिस्थानी के स्थानांतरण करने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि पहले से ही यहां अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान, भौतिक विज्ञान प्रवक्ता और एलटी संवर्ग में विज्ञान विषय के शिक्षक नहीं हैं। चेतावनी दी कि यदि स्थानांतरण निरस्त नहीं हुए या प्रतिस्थानी नहीं आए तो वे आंदोलन करेंगे।
अभिभावक बोले
बगैर प्रतिस्थानी के शिक्षकों का स्थानांतरण करना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। जल्द शिक्षकों की तैनाती नहीं हुई तो आंदोलन होगा।
दर्शन सिंह अस्वाल, पीटीए अध्यक्ष।
स्कूलों में पहले से ही पढ़ाने के लिए शिक्षक तक नहीं हैं। ऐसे में शिक्षकों का स्थानांतरण करना गलत है। हम अपने बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे।
राजेंद्र सिंह रावत, एसएमसी अध्यक्ष।
शिक्षकों के खाली पदों पर नियुक्ति करने के बजाय स्थानांतरण किए जा रहे हैं। पहले खाली पदों के सापेक्ष नियुक्ति होनी चाहिए तब स्थानांतरण करना चाहिए।
चंद्रभानु नैलवाल, अभिभावक
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जिले में 145 जीआईसी संचालित हैं। इनमें 25 हजार विद्यार्थी सुनहरे भविष्य के सपने लिए पढ़ने पहुंच रहे हैं। इन विद्यालयों में उन्हें पढ़ाने के लिए शिक्षकों की भारी कमी है जिससे वे परेशान हैं। इन विद्यालयों में प्रवक्ताओं के 1333 पद स्वीकृत हैं। 591 पद वर्षों से रिक्त चल रहे हैं। एलटी संवर्ग में स्वीकृत शिक्षकों के 1716 पदों के सापेक्ष 1453 शिक्षक तैनात हैं जबकि 263 की तैनाती नहीं हुई है। इन सब के बीच नई शिक्षा नीति लागू कर शिक्षा व्यवस्था में बेहतरी के दावे किए जा रहे हैं। संवाद
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132 विद्यालयों में नहीं हैं प्रधानाचार्य
अल्मोड़ा। जिले के 90 प्रतिशत इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य विहीन हैं। यहां संचालित 145 इंटर कॉलेज के सापेक्ष महज 13 विद्यालयों में ही प्रधानाचार्य तैनात हैं। 132 विद्यालय प्रभारी प्रधानाचार्य के भरोसे संचालित हो रहे हैं। धौलादेवी विकासखंड में संचालित 14 में से एक भी इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य नहीं हैं।
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आज से खुलेंगे विद्यालय
अल्मोड़ा। गर्मियों की छुट्टियां खत्म होने के बाद शनिवार से सरकारी, अशासकीय स्कूल खुल रहे हैं। ग्रीष्म अवकाश के बाद बच्चे भी स्कूल जाने के लिए उत्सुक हैं। स्कूल खुलने से पहले प्रवासी विद्यार्थी भी अपने गांव से शहर में लौट आए हैं।
विकासखंड इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य विहीन विद्यालय
हवालबाग 15 10
भैंसियाछाना 07 07
ताकुला 10 09
लमगड़ा 13 12
धौलादेवी 14 14
ताड़ीखेत 17 16
द्वाराहाट 13 12
चौखुटिया 10 09
स्याल्दे 12 11
भिकियासैंण 12 11
सल्ट 22 21
कोट-
शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के रिक्त पदों की सूचना निदेशालय को दी गई है। खाली पदों पर नियुक्ति शासन स्तर से ही संभव है।
हेमलता भट्ट, सीईओ, अल्मोड़ा।
दो प्रवक्ताओं के स्थानांतरण से अभिभावक भड़के, आंदोलन की दी चेतावनी
भतरौंजखान (अल्मोड़ा)। पहले से ही विद्यालयों की कमी से जूझ रहे अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर काॅलेज चौनलिया से दो प्रवक्ताओं का स्थानांतरण करने पर अभिभावकों में नाराजगी है। उन्होंने जल्द शिक्षकों की तैनाती नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। अभिभावकों ने कहा कि जीव विज्ञान और भूगोल विषय के प्रवक्ताओं का बगैर प्रतिस्थानी के स्थानांतरण करने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि पहले से ही यहां अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान, भौतिक विज्ञान प्रवक्ता और एलटी संवर्ग में विज्ञान विषय के शिक्षक नहीं हैं। चेतावनी दी कि यदि स्थानांतरण निरस्त नहीं हुए या प्रतिस्थानी नहीं आए तो वे आंदोलन करेंगे।
अभिभावक बोले
बगैर प्रतिस्थानी के शिक्षकों का स्थानांतरण करना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। जल्द शिक्षकों की तैनाती नहीं हुई तो आंदोलन होगा।
दर्शन सिंह अस्वाल, पीटीए अध्यक्ष।
स्कूलों में पहले से ही पढ़ाने के लिए शिक्षक तक नहीं हैं। ऐसे में शिक्षकों का स्थानांतरण करना गलत है। हम अपने बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे।
राजेंद्र सिंह रावत, एसएमसी अध्यक्ष।
शिक्षकों के खाली पदों पर नियुक्ति करने के बजाय स्थानांतरण किए जा रहे हैं। पहले खाली पदों के सापेक्ष नियुक्ति होनी चाहिए तब स्थानांतरण करना चाहिए।
चंद्रभानु नैलवाल, अभिभावक