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Bageshwar News: शिक्षा विभाग ने व्यवस्था के भरोसे छोड़ दिया 41 बच्चों का भविष्य

Thu, 01 May 2025 12:45 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर Updated Thu, 01 May 2025 12:45 AM IST
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education. department.future. 41 children. mercy. system.
प्रतीकात्मक
बागेश्वर। जिले की बदहाल शिक्षा व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। जिले में छह ऐसे प्राथमिक विद्यालय है जिनका भविष्य विभाग ने व्यवस्थाओं पर छोड़ दिया है। लंबे समय से अभिभावक शिक्षकों की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं इसके बाद भी कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
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बागेश्वर ब्लॉक में प्राथमिक विद्यालय गुरगुच्चा और तूसरैड़ा में शिक्षकों की तैनाती नहीं हो सकी है। गुरगुच्चा स्कूल में सात विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, व्यवस्था के तौर पर सुन्यौड़ी के शिक्षक को विद्यालय से अटैच किया गया है।
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वहीं, तूसरैड़ा विद्यालय में केवल एक विद्यार्थी अध्ययनरत है। व्यवस्था पर चंतोला के शिक्षक विद्यार्थी को पढ़ा रहे हैं। कपकोट ब्लाॅक के प्राथमिक विद्यालय रमाड़ी और स्यूनीगांव में स्थायी शिक्षक नहीं हैं। छह छात्र संख्या वाले रमाड़ी विद्यालय में नान पन्याली के शिक्षक और छह छात्र संख्या वाले स्यूनीगांव विद्यालय में सुमगढ़ी के शिक्षक व्यवस्था के तौर पर छात्र-छात्राओं को पढ़ा रहे हैं।
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गरुड़ ब्लॉक के सिमगड़ी और लमचूला में भी विद्यार्थियों को स्थायी शिक्षक की सुविधा नहीं मिल पा रही है। आठ छात्र संख्या वाले स्कूल सिमगड़ी में भीमखोली के शिक्षक व्यवस्था के तौर पढ़ा रहे हैं। लमचूला के सहायक अध्यापक का प्राथमिक विद्यालय गड़ीगांव में स्थानांतरण स्वीकृत होने के बावजूद तबादला नहीं हो सका है।
प्रतिस्थानी की व्यवस्था नहीं होने से शिक्षक व्यवस्था के तौर पर विद्यालय में सेवा दे रहे हैं। विभाग की ओर से विगत महीनों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए पांच बार अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग की गई।
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क्यों न हो सरकारी स्कूलों से मोह भंग
सरकारी स्कूलों में संसाधन और शिक्षकों की नियुक्ति के लिए जिम्मेदार विभाग कोई प्रयास नहीं कर रहा है। इस कारण अभिभावकों का सरकारी स्कूलों से मोह भंग हो रहा है। अभिभावकों का कहना है कि वह सरकारी स्कूलों में पढ़ाकर बच्चों का भविष्य बर्बाद नहीं कर सकते हैं।


कोट
शिक्षा सुचारू रखने के लिए इन विद्यालयों में अन्य स्कूलों के शिक्षकों की व्यवस्था की गई है। भविष्य में काउंसिलिंग होने पर शिक्षक विहीन विद्यालयों को प्राथमिकता दी जाएगी। - विनय कुमार, डीईओ बेसिक, बागेश्वर
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