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भूस्खलन से कट्यूड़ा तोक के 20 परिवारों को खतरा
ब्यूरो/अमर उजाला, बागेश्वर।
Updated Sat, 19 Aug 2017 10:08 PM IST
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भूस्खलन से रातिरकेटी के कालापातल कट्यूड़ा तोक में रहने वाले 20 परिवार खतरे की जद में हैं। बरसात में मकानों के जमींदोज होने के डर से सभी परिवार दूसरों के घरों में शरण लेने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर डीएम से सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित करने और मुआवजा देने की गुहार लगाई।
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ग्रामीणों ने बताया कि रातिरकेटी के कालापातल कट्यूड़ा तोक में रहने वाले सभी 20 परिवारों के मकान भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जमीन में लगातार कटाव होने से मकानों के जमींदोज होने का खतरा बना हुआ है।
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अधिक बारिश होने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर बसे लोगों के घरों में शरण लेनी पड़ती है। हर साल बरसात में यह हालात बनते हैं। खतरे में आए मकानों के विस्थापन को लेकर आज तक कोई पहल नहीं हुई है। इससे उनकी दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गई है।
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आपदा में मकानों को नुकसान पहुंचने के बावजूद प्रभावितों को कोई सहायता नहीं मिल पाई है। ग्राम प्रधान गोपुली देवी, कुंदन सिंह, नारायण सिंह, गोविंद सिंह, केशर सिंह आदि ग्रामीणों ने डीएम से सभी आपदा प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने और सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित करने की मांग की।
डीएम रंजना ने राजस्व विभाग को गांव में जाकर स्थिति पर रिपोर्ट तैयार कर शीघ्र उन्हें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।