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Bageshwar News: शंभू नदी में लगातार गिर रहा मलबा, नदी के प्रवाह से फिलहाल खतरा नहीं
Mon, 03 Jul 2023 12:08 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Mon, 03 Jul 2023 12:08 AM IST
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बागेश्वर के शंभू नदी में गिरा मलबा। संवाद
बागेश्वर। शंभू नदी में झील बनने की सूचना के बाद मौके पर गई सिंचाई विभाग की टीम लौट गई है। शंभू नदी में पहाड़ी से लगातार मलबा गिर रहा है, लेकिन नदी का प्रवाह सुचारु होने से फिलहाल झील बनने का कोई खतरा नहीं है।
चमोली जिले से सटे जिले के कुंवारी क्षेत्र में स्थित शंभू नदी में मलबा गिरने से झील बनने की सूचना पर शनिवार को सिंचाई विभाग के अपर सहायक अभियंता तरुण लुम्याल के नेतृत्व में टीम मौके पर गई थी। टीम वापस कपकोट लौट आई है। कपकोट सिंचाई खंड के ईई पीएस बिष्ट के अनुसार कुंवारी की पहाड़ी से लगातार मलबा गिर रहा है, लेकिन नदी का बहाव सामान्य होने से मलबा नदी के बहाव के साथ बह रहा है। इसके चलते झील बनने का खतरा फिलहाल नहीं है।
शंभू नदी से सटी पहाड़ी में वर्ष 2013 से लगातार भूस्खलन हो रहा है। भूस्खलन के कारण मलबा शंभू नदी में गिरता है। पिछले साल बरसात में शंभू नदी में मलबा पटने से नदी का प्रवाह रुक गया था। नदी ने झील का आकार ले लिया था। सिंचाई विभाग ने कई दिनों की मशक्कत के बाद नदी का प्रवाह सुचारु किया था। शंभू नदी का जल गढ़वाल के चमोली जिले में प्रवाहित होता है। शंभू नदी में फिलहाल झील बनने की संभावना न होने से सिंचाई विभाग ने राहत की सांस ली है।
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चमोली जिले से सटे जिले के कुंवारी क्षेत्र में स्थित शंभू नदी में मलबा गिरने से झील बनने की सूचना पर शनिवार को सिंचाई विभाग के अपर सहायक अभियंता तरुण लुम्याल के नेतृत्व में टीम मौके पर गई थी। टीम वापस कपकोट लौट आई है। कपकोट सिंचाई खंड के ईई पीएस बिष्ट के अनुसार कुंवारी की पहाड़ी से लगातार मलबा गिर रहा है, लेकिन नदी का बहाव सामान्य होने से मलबा नदी के बहाव के साथ बह रहा है। इसके चलते झील बनने का खतरा फिलहाल नहीं है।
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शंभू नदी से सटी पहाड़ी में वर्ष 2013 से लगातार भूस्खलन हो रहा है। भूस्खलन के कारण मलबा शंभू नदी में गिरता है। पिछले साल बरसात में शंभू नदी में मलबा पटने से नदी का प्रवाह रुक गया था। नदी ने झील का आकार ले लिया था। सिंचाई विभाग ने कई दिनों की मशक्कत के बाद नदी का प्रवाह सुचारु किया था। शंभू नदी का जल गढ़वाल के चमोली जिले में प्रवाहित होता है। शंभू नदी में फिलहाल झील बनने की संभावना न होने से सिंचाई विभाग ने राहत की सांस ली है।
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