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गांव जाना खतरे से खाली नहीं
ब्यूरो /अमर उजाला, बागेश्वर।
Updated Thu, 26 Nov 2015 01:00 AM IST
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अटल आदर्श भंडारीगांव के रास्ते जानलेवा हो गए हैं। रास्ते में पड़ने वाले गधेरों के ऊपर पुलिया नहीं होने के कारण राहगीरों के नाले में गिरने का खतरा बना है।
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ग्रामीण शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से रास्तों को दुरुस्त करने की मांग करते-करते परेशान हो गए, लेकिन उनकी आज तक किसी ने भी सुध नहीं ली है। उन्होंने रास्तों की दशा और पुलिया का निर्माण शीघ्र न होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
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अटल आदर्श गांव भंडारीगांव जाने वाले पैदल रास्तों की हालत बदतर है। गधेरों में छोटी पुलिया नहीं होने से ग्रामीणों और मवेशियों का घरों से बाहर निकलना बंद हो गया था। बरसात के दिनों में तो हालात और भी बुरे हो जाते हैं।
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युवक मंगल दल के अध्यक्ष राजेंद्र रौतेला ने गधेरे में लकड़ी के तख्ते और बल्लियां डालीं तब जाकर ग्रामीणों का इधर-उधर जाना शुरू हो सका। ग्रामीणों ने बताया कि विकास की बड़ी-बड़ी बातें हो रही हैं, लेकिन जिसे सच जानना हो तो उन्हें गांव की दशा देखने यहां आना चाहिए।
उन्होंने चेेतावनी दी कि यदि रास्तों की दशा शीघ्र नहीं सुधरी और पुलिया का निर्माण न हुआ तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। चेेतावनी देने वालों में शंकर बोरा, हिमांशु रावत, लछम सिंह रौतेला, धन सिंह बोरा, इंद्र सिंह, संतोष बोरा और कृष्णा बोरा शामिल हैं।