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Bageshwar News: निश्चेतक नहीं होने से सिजेरियन प्रसव के 15 मामले हायर सेंटर रेफर
Sat, 21 Oct 2023 12:58 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sat, 21 Oct 2023 12:58 AM IST
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बागेश्वर। सरकार भले ही स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के दावे करे लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां करती है। जिला अस्पताल में निश्चेतक के दो पद लंबे समय से खाली चल रहे हैं। एकमात्र तैनात निश्चेतक के अवकाश पर जाने से व्यवस्था चरमरा गई है। हालात ये हैं कि एक सप्ताह में सिजेरियन प्रसव के लिए आईं 15 गर्भवतियों को हायर सेंटर रेफर करना पड़ा है।
जिला अस्पताल में सिजेरियन और जनरल दोनों प्रकार के ऑपरेशन किए जाते हैं। सिजेरियन प्रसव के मामले अधिक रहते हैं। ऑपरेशन के दौरान निश्चेतक की भूमिका प्रमुख होती है। निश्चेतक के नहीं होने पर मरीज के ऑपरेशन वाले स्थान को एनेस्थीसिया देकर सुन्न करने या मरीज को बेहोश करने की प्रक्रिया नहीं हो पाती। इसके चलते मरीजों को हायर सेंटर भेजना पड़ता है। बीते एक सप्ताह से जिला अस्पताल के हालात भी ऐसे ही हैं। सिजेरियन प्रसव के मामलों को निश्चेतक नहीं होने से हायर सेंटर रेफर करना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में तैनात तीन निश्चेतक में से एक का तबादला हो गया है। एक स्तीफा देकर चले गए हैं। वर्तमान में कार्यरत निश्चेतक डॉ. हर्षिता लाल इन दिनों अवकाश पर हैं। 25 अक्तूबर को उनके छुट्टी से लौटने के बाद ही जिला अस्पताल में ऑपरेशन शुरू हो सकेंगे। - सीएमएस डॉ. वीके टम्टा, जिला अस्पताल।
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जिला अस्पताल में सिजेरियन और जनरल दोनों प्रकार के ऑपरेशन किए जाते हैं। सिजेरियन प्रसव के मामले अधिक रहते हैं। ऑपरेशन के दौरान निश्चेतक की भूमिका प्रमुख होती है। निश्चेतक के नहीं होने पर मरीज के ऑपरेशन वाले स्थान को एनेस्थीसिया देकर सुन्न करने या मरीज को बेहोश करने की प्रक्रिया नहीं हो पाती। इसके चलते मरीजों को हायर सेंटर भेजना पड़ता है। बीते एक सप्ताह से जिला अस्पताल के हालात भी ऐसे ही हैं। सिजेरियन प्रसव के मामलों को निश्चेतक नहीं होने से हायर सेंटर रेफर करना पड़ रहा है।
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जिला अस्पताल में तैनात तीन निश्चेतक में से एक का तबादला हो गया है। एक स्तीफा देकर चले गए हैं। वर्तमान में कार्यरत निश्चेतक डॉ. हर्षिता लाल इन दिनों अवकाश पर हैं। 25 अक्तूबर को उनके छुट्टी से लौटने के बाद ही जिला अस्पताल में ऑपरेशन शुरू हो सकेंगे। - सीएमएस डॉ. वीके टम्टा, जिला अस्पताल।
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