{"_id":"64f62199f4c89ca89e0a5fcb","slug":"children-studying-in-additional-classes-online-education-bageshwar-news-c-231-1-shld1005-1310-2023-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: अतिरिक्त कक्षा और ऑनलाइन शिक्षा से संवार रहे बच्चों का भविष्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: अतिरिक्त कक्षा और ऑनलाइन शिक्षा से संवार रहे बच्चों का भविष्य
Mon, 04 Sep 2023 11:57 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Mon, 04 Sep 2023 11:57 PM IST
विज्ञापन
शिक्षक मिलिंद बिष्ट
बागेश्वर। दुर्गम क्षेत्र के जीआईसी उडियार में तैनात शिक्षक मिलिंद बिष्ट विद्यार्थियों की मदद के लिए ऑनलाइन शिक्षण के माध्यम से हर समय उपलब्ध रहते हैं।
मूल रूप से रामनगर निवासी मिलिंद बिष्ट को 24 मई 2016 को शिक्षक के रूप में पहली नियुक्ति दुग नाकुरी तहसील के राइंका उडियार में मिली थी। इसके बाद से वह इसी विद्यालय में सेवारत हैं। अंग्रेजी और कंप्यूटर विषय के शिक्षक बिष्ट ने महसूस किया कि ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों की अंग्रेजी काफी कमजोर है।
विद्यार्थियों की इस कमजोरी को दूर करने के लिए उन्होंने अतिरिक्त कक्षाएं चलानी शुरू कीं जिसका असर भी देखने के लिए मिला। अब भी वह एक घंटा अतिरिक्त बच्चों को कक्षा में पढ़ाते हैं। एसएमसी अध्यक्ष दीपक सिंह खाती ने कहा कि मिलिंद बिष्ट काफी मेहनती शिक्षक हैं। उनके पढ़ाने के अंदाज और व्यवहार की बच्चे भी तारीफ करते हैं। बागेश्वर सीईओ गजेंद्र सिंह सौन कहते हैं कि मिलिंद बिष्ट जैसे शिक्षकों की मेहनत और लगन से सरकारी शिक्षा को लाभ मिलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मूल रूप से रामनगर निवासी मिलिंद बिष्ट को 24 मई 2016 को शिक्षक के रूप में पहली नियुक्ति दुग नाकुरी तहसील के राइंका उडियार में मिली थी। इसके बाद से वह इसी विद्यालय में सेवारत हैं। अंग्रेजी और कंप्यूटर विषय के शिक्षक बिष्ट ने महसूस किया कि ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों की अंग्रेजी काफी कमजोर है।
विज्ञापन
विद्यार्थियों की इस कमजोरी को दूर करने के लिए उन्होंने अतिरिक्त कक्षाएं चलानी शुरू कीं जिसका असर भी देखने के लिए मिला। अब भी वह एक घंटा अतिरिक्त बच्चों को कक्षा में पढ़ाते हैं। एसएमसी अध्यक्ष दीपक सिंह खाती ने कहा कि मिलिंद बिष्ट काफी मेहनती शिक्षक हैं। उनके पढ़ाने के अंदाज और व्यवहार की बच्चे भी तारीफ करते हैं। बागेश्वर सीईओ गजेंद्र सिंह सौन कहते हैं कि मिलिंद बिष्ट जैसे शिक्षकों की मेहनत और लगन से सरकारी शिक्षा को लाभ मिलता है।
विज्ञापन