{"_id":"5b58c02b4f1c1be94b8b6c52","slug":"41532543019-bageshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाषण में अमित और निबंध में दीक्षा रही प्रथम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाषण में अमित और निबंध में दीक्षा रही प्रथम
Updated Wed, 25 Jul 2018 11:53 PM IST
विज्ञापन
बागेश्वर। कारगिल शहीद शौर्य दिवस की पूर्व संध्या पर यहां ‘सीमा के सजग प्रहरी भारतीय सैनिक’ विषय पर विचार गोष्ठी हुई। इस मौके पर विद्यालयी छात्र-छात्राओं की भाषण और निबंध प्रतियोगिता हुई। भाषण में अमित लोहनी और निबंध में दीक्षा फुलारा प्रथम रही। विजेताओं को शौर्य दिवस पर स्वराज भवन में सम्मानित किया जाएगा।
विक्टर मोहन जोशी स्मारक राइंका में आयोजित भाषण प्रतियोगिता में कंट्रीवाइड के अमित लोहनी प्रथम, राबाइंका की हेमलता द्वितीय, वैशाली पाठक सशिमं हाइस्कूल, बेला दीवान कंट्रीवाइड पब्लिक स्कूल तृतीय, निबंध प्रतियोगिता में दीक्षा फुलारा सशिमं हाइस्कूल प्रथम, दिव्या रावत दूसरी राधा तिवाड़ी विइंका मंडलसेरा तृतीय स्थान पर रहे। संचालन कार्यक्रम समन्वयक दीप चंद्र जोशी ने किया। कहा कि उत्तराखंड सैनिक बाहुल्य राज्य है।
यहां सेना में भर्ती होना केवल जीविकोपार्जन का साधन नहीं बल्कि त्याग, देशप्रेम और बलिदान की गौरवशाली परंपरा रही है। निर्णायक डीएलएड प्रशिक्षु पूर्व सैनिक लक्ष्मण सिंह ने कारगिल युद्ध के अपने अनुभव साझा किए। वहां डीएलएड प्रशिक्षु आशीष शर्मा, प्रमोद शर्मा, प्रधानाचार्य प्रमोद तेवाड़ी, धीरेंद्र पाठक, विवेकानंद पांडे, दीप जोशी, अंजू दिगारी, जगदीश मेहता, जीवन मेेहता आदि थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विक्टर मोहन जोशी स्मारक राइंका में आयोजित भाषण प्रतियोगिता में कंट्रीवाइड के अमित लोहनी प्रथम, राबाइंका की हेमलता द्वितीय, वैशाली पाठक सशिमं हाइस्कूल, बेला दीवान कंट्रीवाइड पब्लिक स्कूल तृतीय, निबंध प्रतियोगिता में दीक्षा फुलारा सशिमं हाइस्कूल प्रथम, दिव्या रावत दूसरी राधा तिवाड़ी विइंका मंडलसेरा तृतीय स्थान पर रहे। संचालन कार्यक्रम समन्वयक दीप चंद्र जोशी ने किया। कहा कि उत्तराखंड सैनिक बाहुल्य राज्य है।
विज्ञापन
यहां सेना में भर्ती होना केवल जीविकोपार्जन का साधन नहीं बल्कि त्याग, देशप्रेम और बलिदान की गौरवशाली परंपरा रही है। निर्णायक डीएलएड प्रशिक्षु पूर्व सैनिक लक्ष्मण सिंह ने कारगिल युद्ध के अपने अनुभव साझा किए। वहां डीएलएड प्रशिक्षु आशीष शर्मा, प्रमोद शर्मा, प्रधानाचार्य प्रमोद तेवाड़ी, धीरेंद्र पाठक, विवेकानंद पांडे, दीप जोशी, अंजू दिगारी, जगदीश मेहता, जीवन मेेहता आदि थे।
विज्ञापन