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सड़क पर जेसीबी चले बगैर पीछे न हटने का दोहराया संकल्प
Updated Wed, 13 Sep 2017 11:44 PM IST
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बागेश्वर। मजगांव रोड संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीणों का आंदोलन बुधवार छठे दिन भी जारी रहा। सभा में वक्ताओं ने चेेतावनी दी कि जब तक दो किमी लंबी रंगथरा-मजगांव-चौनाला सड़क के निर्माण के लिए जेसीबी नहीं चल जाती तब तक आंदोलन की धार कमजोर नहीं होने दी जाएगी। छठे दिन पूर्व बीडीसी सदस्य इं. टीएस रावत, भूपेंद्र रावत, उदे सिंह रावत, दान सिंह गैड़ा और तेज सिंह गैड़ा क्रमिक अनशन पर बैठे।
आंदोलन स्थल कमेड़ीदेवी तिराहेे पर संघर्ष समिति की अध्यक्ष भागुली देवी की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि शासन और लोनिवि की उदासीनता के चलते 12 साल पहले मंजूर दो किमी सड़क का निर्माण आज तक शुरु नहीं हो सका है। पेड़ों का छपान होने के बावजूद वन निगम ने पेड़ों का पातन शुरू नहीं किया है। आंदोलनकारियों ने जाखनी के कुद लोगों द्वारा सीएम के नाम भेजे गए ज्ञापन को झूठ का पुलिंदा बताया है। कहा कि सड़क निर्माण में झांकरा और जाखनी के ग्रामीणों की नाप भूमि प्रभावित नहीं हो रही है। स्वीकृत सड़क जिला पंचायत की सड़क से होकर बननी है, जिसके लिए तत्कालीन जनप्रतिनिधियों ने अनापत्ति प्रमाण पत्र भी दिया है। पेड़ों का छपान भी विधिवत हुआ है। उन्होंने पत्र को गुमराह करने वाला बताया है। वहां निर्माण समिति के पूर्व सदस्य हरीश जोशी, राजेंद्र राठौर, झांकरा के प्रधान गिरीश जोशी, पातल की प्रधान पुष्पा देवी, बीडीसी सदस्य गांऊली देवी, पूरन लोहनी, पूर्व प्रधान नारायण सिंह मेहता, नारायण सिंह मेहता और आनंद बल्लभ जोशी आदि थे।
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आंदोलन स्थल कमेड़ीदेवी तिराहेे पर संघर्ष समिति की अध्यक्ष भागुली देवी की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि शासन और लोनिवि की उदासीनता के चलते 12 साल पहले मंजूर दो किमी सड़क का निर्माण आज तक शुरु नहीं हो सका है। पेड़ों का छपान होने के बावजूद वन निगम ने पेड़ों का पातन शुरू नहीं किया है। आंदोलनकारियों ने जाखनी के कुद लोगों द्वारा सीएम के नाम भेजे गए ज्ञापन को झूठ का पुलिंदा बताया है। कहा कि सड़क निर्माण में झांकरा और जाखनी के ग्रामीणों की नाप भूमि प्रभावित नहीं हो रही है। स्वीकृत सड़क जिला पंचायत की सड़क से होकर बननी है, जिसके लिए तत्कालीन जनप्रतिनिधियों ने अनापत्ति प्रमाण पत्र भी दिया है। पेड़ों का छपान भी विधिवत हुआ है। उन्होंने पत्र को गुमराह करने वाला बताया है। वहां निर्माण समिति के पूर्व सदस्य हरीश जोशी, राजेंद्र राठौर, झांकरा के प्रधान गिरीश जोशी, पातल की प्रधान पुष्पा देवी, बीडीसी सदस्य गांऊली देवी, पूरन लोहनी, पूर्व प्रधान नारायण सिंह मेहता, नारायण सिंह मेहता और आनंद बल्लभ जोशी आदि थे।
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