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आध्यात्म्य के मार्ग पर चलने से ही परम सुख मिलता है
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बागेश्वर। कमेेड़ीदेवी की पहाड़ी पर स्थित श्री श्री 1008 फेणीनाग भगवान के मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा सुनने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं। कथा में शनिवार को कथावाचक पंडित भाष्करानंद पांडे ने कहा कि भगवान विष्णु ही पालक और संहारक हैं। जब जब धर्म की हानि होती है।
तब-तब भगवान अलग-अलग रूपों में अवतरित होकर धर्म की रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि आध्यात्म्य के मार्ग पर चलने से ही परम सुख मिलता है। सत्संग से ज्ञान में बढ़ोत्तरी होती है। इस मौके पर कमेटी के अध्यक्ष जगदीश सिंह गैड़ा ने सभी का स्वागत किया। वहां इंद्र सिंह राठौर, विशन सिंह राठौर, हीरा सिंह धामी और धन सिंह भौर्याल थे।
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तब-तब भगवान अलग-अलग रूपों में अवतरित होकर धर्म की रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि आध्यात्म्य के मार्ग पर चलने से ही परम सुख मिलता है। सत्संग से ज्ञान में बढ़ोत्तरी होती है। इस मौके पर कमेटी के अध्यक्ष जगदीश सिंह गैड़ा ने सभी का स्वागत किया। वहां इंद्र सिंह राठौर, विशन सिंह राठौर, हीरा सिंह धामी और धन सिंह भौर्याल थे।
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