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50 लाख के लिए सपा नगर अध्यक्ष ने कराई हत्या, गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला/अमरोहा
Updated Mon, 07 Mar 2016 01:01 AM IST
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अमरोहा पुलिस आफिस में हत्या का खुलासा करते एसपी
- फोटो : murder case
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गजरौला के चर्चित एमसीएक्स कारोबारी ललित अग्रवाल की हत्या उसके ही पार्टनर प्रवीन अग्रवाल (मंडी धनौरा का समाजवादी पार्टी का नगर अध्यक्ष) ने 50 लाख के कारोबार में हिस्सेदारी के विवाद में सुपारी देकर दो शूटरों से कराई थी।
पुलिस ने इसका खुलासा कर आरोपी प्रवीन और एक शूटर को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया है। जिस शूटर ने गोली चलाई वह हत्या में प्रयुक्त पिस्टल समेत फरार है। यह खुलासा तो हत्या के तीसरे दिन ही हो सकता था, लेकिन सत्ताधारी नेताओं के दबाव में पुलिस आरोपी को बचाने की कोशिश कर रही थी।
गजरौला के मोहल्ला महाजन बस्ती निवासी एमसीएक्स कारोबारी एवं आइडिया पोस्टपेड के डिस्ट्रीब्यूटर ललित अग्रवाल पुत्र जगदीश सरन अग्रवाल की चार फरवरी की रात नौ बजे घर के बाहर दो बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक के बड़े भाई विजय अग्रवाल की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट लिखी गई थी।
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पुलिस ने कई बिंदुओं पर पड़ताल की और शनिवार को ललित अग्रवाल के बिजनेस पार्टनर प्रवीन अग्रवाल पुत्र कृष्ण कुमार अग्रवाल निवासी मोहल्ला सोसाइटी मंडी धनौरा और मुशीर पुत्र रहीसुद्दीन निवासी मोहल्ला इकरार नगर लकड़ा (अमरोहा) को गिरफ्तार कर पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि, इस दौरान प्रवीन अग्रवाल ने गुनाह कुबूल कर लिया।
बताया कि वह ललित अग्रवाल का बिजनेस पार्टनर था और आइडिया कंपनी के पोस्टपेड रिचार्ज व एमसीएक्स के बिजनेस में उसने 50 लाख रुपये लगाए थे। लेकिन ललित हिसाब किताब नहीं दे रहा था और उसकी हत्या कराने की फिराक में था। लिहाजा अपनी जान बचाने के लिए उसकी हत्या कराना मजबूरी बन गई।
प्रवीन ने बताया कि, उसने मोहल्ला हीरानगर महादेव (धनौरा) निवासी शूटर जितेंद्र शर्मा उर्फ टोनी पुत्र महेंद्र शर्मा को हत्या के लिए सुपारी देकर तैयार किया। वह मुशीर को साथ लेकर मौके पर पहुंच गया। जितेंद्र ने पिस्टल से गोली मारकर ललित की हत्या कर दी और खुद को केस से बचाने के लिए लखनऊ में एसडीएम की शादी में शामिल होने चला गया।
टर जितेंद्र पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका है। बताते हैं कि प्रवीन सपा का मंडी धनौरा नगर अध्यक्ष, नगर पालिका का नामित सदस्य और रामलीला कमेटी का अध्यक्ष भी है। इसलिए उसे सत्ता के कुछ नेताओं के अलावा एक कैबिनेट मंत्री व एक विधायक की वजह से संरक्षण मिला रहा।
ललित के परिजनों द्वारा मुख्यमंत्री और डीजीपी स्तर पर लगाई गई गुहार के बाद पुलिस ने प्रवीन को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया। उधर, रविवार को एसपी डा.एस.चनप्पा ने हत्याकांड का खुलासा किया और पुलिस टीम को नगद पुरस्कार देने की घोषणा भी की।
धनौरा में रची गई थी ललित की हत्या की साजिश
अमरोहा। ललित और प्रवीन के बीच 22 वर्ष पुरानी गहरी दोस्ती अचानक दुश्मनी में कैसे बदल गई। यह सोचकर हर कोई हैरान है। प्रवीन अग्रवाल ने सूझबूझ से ललित की हत्या का तानाबाना बुना था। धनौरा के शूटर जितेंद्र शर्मा उर्फ टोनी के साथ बैठकर ललित की हत्या का दिन मुकर्रर किया गया था।
प्रवीन को अच्छी तरह मालूम था कि चार फरवरी को ललित गजरौला में एक शादी समारोह में शामिल होने जाएगा और चार फरवरी को ही एसडीएम धनौरा आजाद भगत सिंह की लखनऊ में शादी है। प्रवीन अग्रवाल बगैर बुलावे के अपने एक दोस्त के साथ एसडीएम की शादी में शामिल होने के लिए लखनऊ रवाना हो गया और यहां उसके इशारे पर ललित की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
नामित सदस्य भी है हत्यारोपी प्रवीन
अमरोहा। मंडी धनौरा के मोहल्ला सोसाइटी निवासी प्रवीन अग्रवाल पुत्र कृष्ण कुमार सत्तारूढ़ दल समाजवादी पार्टी का नगर अध्यक्ष होने के साथ-साथ नगर पालिका परिषद धनौरा का नामित सदस्य भी था। ललित की हत्या के बाद जब प्रवीन लखनऊ से लौटा तो ललित की शवयात्रा में भी शामिल हुआ और रोने का नाटक भी किया था। हत्याकांड के खुलासे में अभी कई और गहरे राज छिपे हैं जिन्हें पुलिस ने सत्ताधारी नेताओं के दबाव में उजागर नहीं किया है।
ललित की पत्नी से प्रवीन के हैं गहरे संबंध
अमरोहा। ललित के बड़े भाई विजय अग्रवाल ने एक तरफ एसपी खुलासा कर रहे थे, दूसरी तरफ एक सनसनीखेज बयान मीडिया कर्मियों को दिया। उन्होंने कहा कि ललित और प्रवीन में 22 साल पुरानी दोस्ती थी। मुरादाबाद में आइडिया के शो रूम पर कार्य करने वाली मीनल वर्मा से ललित ने लवमैरिज की थी।
वीन की इसमें मुख्य भूमिका थी। कहा कि प्रवीन और मीनल के गहरे संबंध बने रहे। इसका हमेशा ललित ने विरोध भी किया। हत्या इसीलिए कराई गई। मीनल के मोबाइल की काल डिटेल में पुलिस को ललित की हत्या के बाद प्रवीन को काल करने का प्रमाण भी मिल चुका है। उनका कहना है कि मीनल उनके यहां नहीं है, अपनी बहन के यहां चली गई है। पुलिस इन बातों को छिपा रही है।
बीमे के एक करोड़ के लिए बदली केस हिस्ट्री
अमरोहा। पुलिस घटना के खुलासे में असली केस हिस्ट्री को क्यों बदल रही है। इसकी वजह एक करोड़ की बीमा राशि बताई जा रही है। घटना के खुलासे में पूरे एक महीने का समय इसीलिए लगा दिया गया।
लिस ने घटना में ललित की पत्नी को कहीं शामिल नहीं किया। इसकी वजह ललित के नाम बीमा होने से एक करोड़ रुपये का मिलना है। यह रुपये मीनल को मिलेंगे। यदि मीनल हत्याकांड में शामिल हो जाएगी तो मीनल को यह राशि नहीं मिलती। इसीलिए केस हिस्ट्री को बदला गया है, जबकि हकीकत क्या है पूरे गजरौला वालों को पता है। ललित के भाई विजय अग्रवाल इस खुलासे में मीनल को शामिल नहीं करने से बेहद चिंतित हैं।
सूत्रों का कहना है कि सपा के कुछ बड़े नेताओं की वजह से पूरी घटना को मैनेज कर दिया गया है। जिससे सच्चाई अभी बाकी रह गई है।
ललित हत्याकांड का खुलासा कर दिया गया है। प्रवीन ने कारोबारी साजिश में शूटरों से हत्या कराई थी। एक शूटर भी गिरफ्तार किया गया है। फरार शूटर जितेंद्र की तलाश में टीमें जुटीं हैं। घटना में और जो भी लोग सामने आएंगे उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।-डा. एस चनप्पा एसपी अमरोहा
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पुलिस ने इसका खुलासा कर आरोपी प्रवीन और एक शूटर को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया है। जिस शूटर ने गोली चलाई वह हत्या में प्रयुक्त पिस्टल समेत फरार है। यह खुलासा तो हत्या के तीसरे दिन ही हो सकता था, लेकिन सत्ताधारी नेताओं के दबाव में पुलिस आरोपी को बचाने की कोशिश कर रही थी।
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गजरौला के मोहल्ला महाजन बस्ती निवासी एमसीएक्स कारोबारी एवं आइडिया पोस्टपेड के डिस्ट्रीब्यूटर ललित अग्रवाल पुत्र जगदीश सरन अग्रवाल की चार फरवरी की रात नौ बजे घर के बाहर दो बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक के बड़े भाई विजय अग्रवाल की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट लिखी गई थी।
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पुलिस ने कई बिंदुओं पर पड़ताल की और शनिवार को ललित अग्रवाल के बिजनेस पार्टनर प्रवीन अग्रवाल पुत्र कृष्ण कुमार अग्रवाल निवासी मोहल्ला सोसाइटी मंडी धनौरा और मुशीर पुत्र रहीसुद्दीन निवासी मोहल्ला इकरार नगर लकड़ा (अमरोहा) को गिरफ्तार कर पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि, इस दौरान प्रवीन अग्रवाल ने गुनाह कुबूल कर लिया।
बताया कि वह ललित अग्रवाल का बिजनेस पार्टनर था और आइडिया कंपनी के पोस्टपेड रिचार्ज व एमसीएक्स के बिजनेस में उसने 50 लाख रुपये लगाए थे। लेकिन ललित हिसाब किताब नहीं दे रहा था और उसकी हत्या कराने की फिराक में था। लिहाजा अपनी जान बचाने के लिए उसकी हत्या कराना मजबूरी बन गई।
प्रवीन ने बताया कि, उसने मोहल्ला हीरानगर महादेव (धनौरा) निवासी शूटर जितेंद्र शर्मा उर्फ टोनी पुत्र महेंद्र शर्मा को हत्या के लिए सुपारी देकर तैयार किया। वह मुशीर को साथ लेकर मौके पर पहुंच गया। जितेंद्र ने पिस्टल से गोली मारकर ललित की हत्या कर दी और खुद को केस से बचाने के लिए लखनऊ में एसडीएम की शादी में शामिल होने चला गया।
टर जितेंद्र पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका है। बताते हैं कि प्रवीन सपा का मंडी धनौरा नगर अध्यक्ष, नगर पालिका का नामित सदस्य और रामलीला कमेटी का अध्यक्ष भी है। इसलिए उसे सत्ता के कुछ नेताओं के अलावा एक कैबिनेट मंत्री व एक विधायक की वजह से संरक्षण मिला रहा।
ललित के परिजनों द्वारा मुख्यमंत्री और डीजीपी स्तर पर लगाई गई गुहार के बाद पुलिस ने प्रवीन को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया। उधर, रविवार को एसपी डा.एस.चनप्पा ने हत्याकांड का खुलासा किया और पुलिस टीम को नगद पुरस्कार देने की घोषणा भी की।
धनौरा में रची गई थी ललित की हत्या की साजिश
अमरोहा। ललित और प्रवीन के बीच 22 वर्ष पुरानी गहरी दोस्ती अचानक दुश्मनी में कैसे बदल गई। यह सोचकर हर कोई हैरान है। प्रवीन अग्रवाल ने सूझबूझ से ललित की हत्या का तानाबाना बुना था। धनौरा के शूटर जितेंद्र शर्मा उर्फ टोनी के साथ बैठकर ललित की हत्या का दिन मुकर्रर किया गया था।
प्रवीन को अच्छी तरह मालूम था कि चार फरवरी को ललित गजरौला में एक शादी समारोह में शामिल होने जाएगा और चार फरवरी को ही एसडीएम धनौरा आजाद भगत सिंह की लखनऊ में शादी है। प्रवीन अग्रवाल बगैर बुलावे के अपने एक दोस्त के साथ एसडीएम की शादी में शामिल होने के लिए लखनऊ रवाना हो गया और यहां उसके इशारे पर ललित की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
नामित सदस्य भी है हत्यारोपी प्रवीन
अमरोहा। मंडी धनौरा के मोहल्ला सोसाइटी निवासी प्रवीन अग्रवाल पुत्र कृष्ण कुमार सत्तारूढ़ दल समाजवादी पार्टी का नगर अध्यक्ष होने के साथ-साथ नगर पालिका परिषद धनौरा का नामित सदस्य भी था। ललित की हत्या के बाद जब प्रवीन लखनऊ से लौटा तो ललित की शवयात्रा में भी शामिल हुआ और रोने का नाटक भी किया था। हत्याकांड के खुलासे में अभी कई और गहरे राज छिपे हैं जिन्हें पुलिस ने सत्ताधारी नेताओं के दबाव में उजागर नहीं किया है।
ललित की पत्नी से प्रवीन के हैं गहरे संबंध
अमरोहा। ललित के बड़े भाई विजय अग्रवाल ने एक तरफ एसपी खुलासा कर रहे थे, दूसरी तरफ एक सनसनीखेज बयान मीडिया कर्मियों को दिया। उन्होंने कहा कि ललित और प्रवीन में 22 साल पुरानी दोस्ती थी। मुरादाबाद में आइडिया के शो रूम पर कार्य करने वाली मीनल वर्मा से ललित ने लवमैरिज की थी।
वीन की इसमें मुख्य भूमिका थी। कहा कि प्रवीन और मीनल के गहरे संबंध बने रहे। इसका हमेशा ललित ने विरोध भी किया। हत्या इसीलिए कराई गई। मीनल के मोबाइल की काल डिटेल में पुलिस को ललित की हत्या के बाद प्रवीन को काल करने का प्रमाण भी मिल चुका है। उनका कहना है कि मीनल उनके यहां नहीं है, अपनी बहन के यहां चली गई है। पुलिस इन बातों को छिपा रही है।
बीमे के एक करोड़ के लिए बदली केस हिस्ट्री
अमरोहा। पुलिस घटना के खुलासे में असली केस हिस्ट्री को क्यों बदल रही है। इसकी वजह एक करोड़ की बीमा राशि बताई जा रही है। घटना के खुलासे में पूरे एक महीने का समय इसीलिए लगा दिया गया।
लिस ने घटना में ललित की पत्नी को कहीं शामिल नहीं किया। इसकी वजह ललित के नाम बीमा होने से एक करोड़ रुपये का मिलना है। यह रुपये मीनल को मिलेंगे। यदि मीनल हत्याकांड में शामिल हो जाएगी तो मीनल को यह राशि नहीं मिलती। इसीलिए केस हिस्ट्री को बदला गया है, जबकि हकीकत क्या है पूरे गजरौला वालों को पता है। ललित के भाई विजय अग्रवाल इस खुलासे में मीनल को शामिल नहीं करने से बेहद चिंतित हैं।
सूत्रों का कहना है कि सपा के कुछ बड़े नेताओं की वजह से पूरी घटना को मैनेज कर दिया गया है। जिससे सच्चाई अभी बाकी रह गई है।
ललित हत्याकांड का खुलासा कर दिया गया है। प्रवीन ने कारोबारी साजिश में शूटरों से हत्या कराई थी। एक शूटर भी गिरफ्तार किया गया है। फरार शूटर जितेंद्र की तलाश में टीमें जुटीं हैं। घटना में और जो भी लोग सामने आएंगे उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।-डा. एस चनप्पा एसपी अमरोहा