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विश्व योग को देख रहा है और भारत इसे दिशा दे रहा : धामी
Tue, 29 Apr 2025 12:26 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 29 Apr 2025 12:26 AM IST
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एसएसजे परिसर में वर्चुअल माध्यम से संगोष्ठी से जुड़े सीएम धामी को सुनते अतिथि।
- फोटो : Samvad
संवाद न्यूज एजेंसी
अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना परिसर के योग विज्ञान विभाग की ओर से दो दिनी योग विज्ञान एवं अध्यात्म विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी हुई। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से इसका उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि योग हमारी पुरानी परंपरा है, जो आज पूरी दुनिया को एक बेहतर जीवन जीने की राह दिखा रही है। आज पूरा विश्व योग की ओर देख रहा है और भारत इस दिशा में अहम भूमिका निभा रहा है।
सोमवार को गणित विभाग के सभागार में आयोजित संगोष्ठी के मुख्य अतिथि आयुर्वेद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो.सुनील कुमार जोशी ने कहा कि विज्ञान हमें अवसर तो योग हमें स्वस्थ रखता है। कहा कि शरीर स्वस्थ है तो इंद्रियां स्वस्थ हैं, आज योग को लेकर अंतर विषयों में शोध की जरूरत है। विवि के कुलसचिव डॉ. डीएस बिष्ट ने इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी को मानवजाति के लिए एक नए युग का प्रारंभ बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए परिसर निदेशक प्रो. प्रवीण सिंह बिष्ट ने कहा कि हिमालय क्षेत्रों में योग आध्यात्मिकता का केंद्र रहा है। उत्तराखंड योग प्रदेश के रूप में जाना जाए। इसके लिए यह पहल जरूरी है। वहां प्रो. रजनी नौटियाल, सह संयोजक डॉ. लल्लन कुमार सिंह, प्रो. अनिल कुमार यादव, प्रो. शेखर जोशी, डॉ. नंदन सिंह बिष्ट, डॉ. मुकेश सामंत, डॉ. पारुल सक्सेना, डॉ. मनोज बिष्ट, डॉ. गिरीश अधिकारी आदि मौजूद रहे।
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अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना परिसर के योग विज्ञान विभाग की ओर से दो दिनी योग विज्ञान एवं अध्यात्म विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी हुई। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से इसका उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि योग हमारी पुरानी परंपरा है, जो आज पूरी दुनिया को एक बेहतर जीवन जीने की राह दिखा रही है। आज पूरा विश्व योग की ओर देख रहा है और भारत इस दिशा में अहम भूमिका निभा रहा है।
सोमवार को गणित विभाग के सभागार में आयोजित संगोष्ठी के मुख्य अतिथि आयुर्वेद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो.सुनील कुमार जोशी ने कहा कि विज्ञान हमें अवसर तो योग हमें स्वस्थ रखता है। कहा कि शरीर स्वस्थ है तो इंद्रियां स्वस्थ हैं, आज योग को लेकर अंतर विषयों में शोध की जरूरत है। विवि के कुलसचिव डॉ. डीएस बिष्ट ने इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी को मानवजाति के लिए एक नए युग का प्रारंभ बताया।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए परिसर निदेशक प्रो. प्रवीण सिंह बिष्ट ने कहा कि हिमालय क्षेत्रों में योग आध्यात्मिकता का केंद्र रहा है। उत्तराखंड योग प्रदेश के रूप में जाना जाए। इसके लिए यह पहल जरूरी है। वहां प्रो. रजनी नौटियाल, सह संयोजक डॉ. लल्लन कुमार सिंह, प्रो. अनिल कुमार यादव, प्रो. शेखर जोशी, डॉ. नंदन सिंह बिष्ट, डॉ. मुकेश सामंत, डॉ. पारुल सक्सेना, डॉ. मनोज बिष्ट, डॉ. गिरीश अधिकारी आदि मौजूद रहे।
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