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एक्सरे मशीन छह महीने से बंद
ब्यूरा/अमर उजाला, रानीखेत (अल्मोड़ा)।
Updated Fri, 18 Mar 2016 12:16 AM IST
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। उपमंडल क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल बेहाल है। सुविधाओं के नाम पर स्थानीय राजकीय अस्पताल भी सफेद हाथी साबित हो रहा है। इस अस्पताल पर उपमंडल की छह तहसीलों के हजारों लोग निर्भर हैं, लेकिन सुविधा के नाम पर यहां एक्सरे मशीन तक चालू नहीं है। रोगियों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। पिछले छह महीने से एक्सरे मशीन बंद है।
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तमाम प्रयासों के बावजूद राजकीय अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं ढर्रे पर नहीं आ पा रही हैं, जबकि इस अस्पताल से उपमंडल क्षेत्र की छह तहसीलों के अलावा गढ़वाल क्षेत्र के रोगी भी आते हैं। रोजाना औसतन 300 से अधिक रोगी यहां इलाज के लिए आते हैं, लेकिन सुविधाएं नहीं होने के कारण रोगियों का परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले छह महीने से एक्सरे मशीन तक चालू नहीं है, जबकि यहां डिजिटल एक्सरे की सुविधा भी है।
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शासन ने छह माह पहले बगैर प्रतिस्थानी के ही एक्सरे टेक्नीशियन का जोशीमठ स्थानांतरण कर दिया। तब से आज तक प्रतिस्थानी नहीं भेजा गया है। लोगों को निजी अस्पतालों में जाकर महंगे रेट पर एक्सरे कराने को विवश होना पड़ रहा है।
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एक्सरे रूम के बाहर प्रतिदिन रोगियों की भीड़ लगी रहती है। इसके अलावा अस्पताल में अन्य सुविधाएं भी नाकाफी है। स्थिति यह है कि दुर्घटना के गंभीर रोगियों को हल्द्वानी रेफर करना पड़ता है। इससे लोगों में आक्रोश है। इसके अलावा यहां तैनात सर्जन डॉ. मुकेश कुमार जोशी अधिकांश अल्मोड़ा में ही रहते हैं। वहीं अस्पताल में साफ-सफाई की भी उचित व्यवस्था नहीं है।