{"_id":"6262f71952080d2fd13276fe","slug":"world-earth-day-celebration-almora-news-hld4603079118","type":"story","status":"publish","title_hn":"जल संकट से निपटने के लिए पर्यावरण के प्रति संवेदनशील होना होगा: बिष्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जल संकट से निपटने के लिए पर्यावरण के प्रति संवेदनशील होना होगा: बिष्ट
विज्ञापन
अल्मोड़ा गोविंदपुर में रैली निकालते स्कूल के बच्चे व अन्य
- फोटो : ALMORA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। जिले में पृथ्वी दिवस धूमधाम से मनाया गया। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के उत्तराखंड जलवायु परिवर्तन केंद्र की ओर से पृथ्वी दिवस पर शारदा पब्लिक स्कूल में जलवायु परिवर्तन के तहत जल संरक्षण और संवर्धन विषय पर जन जागरूकता अभियान की शुरुआत हुई।
उत्तराखंड जलवायु परिवर्तन केंद्र के निदेशक डॉ. नंदन सिंह बिष्ट, गोविंद बल्लभ पंत संस्थान कोसी कटारमल के वैज्ञानिक डॉ. संदीपन, शारदा पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य विनीता लखचौरा ने अभियान का शुभारंभ किया। डॉ. नंदन सिंह बिष्ट ने कहा कि जल संकट की स्थितियों से निपटने के लिए हमें पर्यावरण के प्रति संवेदनशील होना होगा। एसएसजे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरेंद्र सिंह भंडारी और डॉ. संदीपन ने जलवायु परिवर्तन के फलस्वरूप हो रहे बदलाव और परिणामों पर चिंता जताई। कार्यक्रम में शारदा पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य विनीता लखचौरा, डॉ. अरविंद पांडे, डॉ. रवींद्र नाथ पाठक, अनुभा कांडपाल आदि थे।
वहीं, एसएसजे के शिक्षा संकाय में पृथ्वी दिवस मनाया गया। इस मौके पर मां पृथ्वी के लिए मेरा योगदान विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। वहां पर शिक्षा संकाय विभागाध्यक्ष प्रो. भीमा मनराल, डॉ. रिजवाना सिद्दकी, डॉ. संगीता पवार, डॉ. नीलम, डॉ. ममता कांडपाल, डॉ. अंकिता कश्यप, डॉ. सरोज जोशी, डॉ. ममता असवाल आदि थीं। विश्व पृथ्वी दिवस पर 77यूके वाहिनी एनसीसी के कैडेटों ने कोसी नदी में स्वच्छता अभियान चलाया। अभियान में विवेकानंद इंटर कालेज के एनसीसी कैडेटों ने भी भाग लिया। वहीं, राजकीय प्राथमिक विद्यालय बजेला में पृथ्वी दिवस मनाया गया। वहां पर सहायक अध्यापक भास्कर आदि थे। इधर, तारा देवी के साथ मिलकर महिला मंगल टीम का गठन किया गया जो गांव के जंगलों में लगी आग की सूचना देगी और अध्यापक के साथ मिलकर उचित कार्रवाई करेंगी।
विज्ञापन
उत्तराखंड यूथ नेटवर्क ने निकाली रैली
अल्मोड़ा। पृथ्वी दिवस के अवसर पर उत्तराखंड यूथ नेटवर्क अल्मोड़ा के युवाओं ने गोविंदपुर में जागरूकता रैली निकाली। यूथ फॉर इकोलॉजिकल सस्टेनेबिलिटी नेटवर्क के साथ मिलकर उत्तराखंड यूथ नेटवर्क, बच्चो और युवाओं ने नुक्कड़- नाटक और पोस्टर के माध्यम से उत्तराखंड के जंगलों में धधक रहीं जंगल की आग को रोकने के लिए लोगों से आगे आने का आह्वान किया। वहां पर विमला, रजनी, हिमानी, हेमंती, मनीषा सिंह आदि थे।
विज्ञापन
उत्तराखंड जलवायु परिवर्तन केंद्र के निदेशक डॉ. नंदन सिंह बिष्ट, गोविंद बल्लभ पंत संस्थान कोसी कटारमल के वैज्ञानिक डॉ. संदीपन, शारदा पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य विनीता लखचौरा ने अभियान का शुभारंभ किया। डॉ. नंदन सिंह बिष्ट ने कहा कि जल संकट की स्थितियों से निपटने के लिए हमें पर्यावरण के प्रति संवेदनशील होना होगा। एसएसजे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरेंद्र सिंह भंडारी और डॉ. संदीपन ने जलवायु परिवर्तन के फलस्वरूप हो रहे बदलाव और परिणामों पर चिंता जताई। कार्यक्रम में शारदा पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य विनीता लखचौरा, डॉ. अरविंद पांडे, डॉ. रवींद्र नाथ पाठक, अनुभा कांडपाल आदि थे।
विज्ञापन
वहीं, एसएसजे के शिक्षा संकाय में पृथ्वी दिवस मनाया गया। इस मौके पर मां पृथ्वी के लिए मेरा योगदान विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। वहां पर शिक्षा संकाय विभागाध्यक्ष प्रो. भीमा मनराल, डॉ. रिजवाना सिद्दकी, डॉ. संगीता पवार, डॉ. नीलम, डॉ. ममता कांडपाल, डॉ. अंकिता कश्यप, डॉ. सरोज जोशी, डॉ. ममता असवाल आदि थीं। विश्व पृथ्वी दिवस पर 77यूके वाहिनी एनसीसी के कैडेटों ने कोसी नदी में स्वच्छता अभियान चलाया। अभियान में विवेकानंद इंटर कालेज के एनसीसी कैडेटों ने भी भाग लिया। वहीं, राजकीय प्राथमिक विद्यालय बजेला में पृथ्वी दिवस मनाया गया। वहां पर सहायक अध्यापक भास्कर आदि थे। इधर, तारा देवी के साथ मिलकर महिला मंगल टीम का गठन किया गया जो गांव के जंगलों में लगी आग की सूचना देगी और अध्यापक के साथ मिलकर उचित कार्रवाई करेंगी।
विज्ञापन
उत्तराखंड यूथ नेटवर्क ने निकाली रैली
अल्मोड़ा। पृथ्वी दिवस के अवसर पर उत्तराखंड यूथ नेटवर्क अल्मोड़ा के युवाओं ने गोविंदपुर में जागरूकता रैली निकाली। यूथ फॉर इकोलॉजिकल सस्टेनेबिलिटी नेटवर्क के साथ मिलकर उत्तराखंड यूथ नेटवर्क, बच्चो और युवाओं ने नुक्कड़- नाटक और पोस्टर के माध्यम से उत्तराखंड के जंगलों में धधक रहीं जंगल की आग को रोकने के लिए लोगों से आगे आने का आह्वान किया। वहां पर विमला, रजनी, हिमानी, हेमंती, मनीषा सिंह आदि थे।