{"_id":"6429c66cf6c1374a8e032442","slug":"women-took-a-pledge-to-save-the-forest-on-on-day-almora-news-c-8-1-101025-2023-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: ओण दिवस पर महिलाओं ने लिया जंगल बचाने का संकल्प","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: ओण दिवस पर महिलाओं ने लिया जंगल बचाने का संकल्प
Sun, 02 Apr 2023 11:46 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sun, 02 Apr 2023 11:46 PM IST
विज्ञापन
अल्मोड़ा। जिले के धामस गांव में ओण दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। इस दौरान क्षेत्र के 30 गांवों की 700 से अधिक महिलाओं ने रैली निकालकर लोगों को जंगलों को आग से बचाने को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि यदि हमने जंगलों को आग से सुरक्षित नहीं बचाया तो भावी पीढ़ी को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
धामस गांव में मनाए गए ओण दिवस पर पंडित गोविंद बल्लभ पंत संग्रहालय में हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता खूंट की प्रधान सरिता देवी व प्रधान धामस भगवान सिंह बिष्ट ने की। स्याहीदेवी विकास मंच के संस्थापक गजेंद्र पाठक ने कहा कि प्लस एप्रोच फाउंडेशन नई दिल्ली के सहयोग से दूसरा ओण दिवस मनाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य ओण जलाने की परंपरा को समयबद्ध व व्यवस्थित कर जंगलों को आग से बचाना है। इस दौरान क्षेत्र के 30 गांवों की महिलाओं ने खूंट से धामस गांव तक रैली निकालकर लोगों को जंगलों की सुरक्षा के लिए जागरूक किया। उन्होंने कहा कि ओण को व्यवस्थित तरीके से जलाकर जंगलों में लगने वाली आग को रोका जा सकता है।
कहा कि सभी को मिलकर जंगलों को बचाना होगा ताकि हमारे जल स्रोत व पर्यावरण सुरक्षित रह सके। इस मौके पर जीबी पंत हिमालयन पर्यावरण संस्थान के निदेशक प्रो. सुनील नौटियाल, प्रभागीय वनाधिकारी अल्मोड़ा हिमांशु बागड़ी, वरिष्ठ वैज्ञानिक आईडी भट्ट, प्लस एप्रोच फाउंडेशन की प्रतिनिधि हिना पांडेय, कोऑर्डिनेटर मनोज सनवाल, गिरीश शर्मा, आरडी जोशी आदि मौजूद रहे। संचालन नरेंद्र बिष्ट ने किया।
विज्ञापन
महिलाओं को किया गया सम्मानित
अल्मोड़ा। ओण दिवस पर स्याहीदेवी व शीतलाखेत क्षेत्र में जंगलों की सुरक्षा में जुटीं 70 से अधिक महिलाओं व फायर फाइटर्स को सम्मानित किया गया। स्याहीदेवी विकास मंच के संस्थापक गजेंद्र पाठक ने बताया कि शीतलाखेत क्षेत्र में एक हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मिश्रित जंगल तैयार हो गया है। इसके लिए कोई पौधरोपण नहीं किया गया। क्षेत्र के लोगों खासकर महिलाओं ने आग से इन जंगलों को सुरक्षित बचाया, जिससे इसका विकास हुआ है। ओण दिवस पर इन महिलाओं को सम्मानित किया गया है।
ये है ओण
ओण एक प्रकार का खेतों में होने वाला खरपतवार है जिसे जलाया जाता है लेकिन इसे बगैर उचित प्रबंधन व अव्यवस्थित तरीके से जलाने पर इसकी आग जंगलों में फैल सकती है। इसी के प्रति स्याहीदेवी विकास मंच लोगों को जागरूक करता है। ओण दिवस के रूप में लोगों को इसे बेहतर प्रबंधन के साथ जलाने को प्रेरित किया जाता है, ताकि जंगलों को आग से सुरक्षित बचाया जा सके।
विज्ञापन
धामस गांव में मनाए गए ओण दिवस पर पंडित गोविंद बल्लभ पंत संग्रहालय में हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता खूंट की प्रधान सरिता देवी व प्रधान धामस भगवान सिंह बिष्ट ने की। स्याहीदेवी विकास मंच के संस्थापक गजेंद्र पाठक ने कहा कि प्लस एप्रोच फाउंडेशन नई दिल्ली के सहयोग से दूसरा ओण दिवस मनाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य ओण जलाने की परंपरा को समयबद्ध व व्यवस्थित कर जंगलों को आग से बचाना है। इस दौरान क्षेत्र के 30 गांवों की महिलाओं ने खूंट से धामस गांव तक रैली निकालकर लोगों को जंगलों की सुरक्षा के लिए जागरूक किया। उन्होंने कहा कि ओण को व्यवस्थित तरीके से जलाकर जंगलों में लगने वाली आग को रोका जा सकता है।
विज्ञापन
कहा कि सभी को मिलकर जंगलों को बचाना होगा ताकि हमारे जल स्रोत व पर्यावरण सुरक्षित रह सके। इस मौके पर जीबी पंत हिमालयन पर्यावरण संस्थान के निदेशक प्रो. सुनील नौटियाल, प्रभागीय वनाधिकारी अल्मोड़ा हिमांशु बागड़ी, वरिष्ठ वैज्ञानिक आईडी भट्ट, प्लस एप्रोच फाउंडेशन की प्रतिनिधि हिना पांडेय, कोऑर्डिनेटर मनोज सनवाल, गिरीश शर्मा, आरडी जोशी आदि मौजूद रहे। संचालन नरेंद्र बिष्ट ने किया।
विज्ञापन
महिलाओं को किया गया सम्मानित
अल्मोड़ा। ओण दिवस पर स्याहीदेवी व शीतलाखेत क्षेत्र में जंगलों की सुरक्षा में जुटीं 70 से अधिक महिलाओं व फायर फाइटर्स को सम्मानित किया गया। स्याहीदेवी विकास मंच के संस्थापक गजेंद्र पाठक ने बताया कि शीतलाखेत क्षेत्र में एक हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मिश्रित जंगल तैयार हो गया है। इसके लिए कोई पौधरोपण नहीं किया गया। क्षेत्र के लोगों खासकर महिलाओं ने आग से इन जंगलों को सुरक्षित बचाया, जिससे इसका विकास हुआ है। ओण दिवस पर इन महिलाओं को सम्मानित किया गया है।
ये है ओण
ओण एक प्रकार का खेतों में होने वाला खरपतवार है जिसे जलाया जाता है लेकिन इसे बगैर उचित प्रबंधन व अव्यवस्थित तरीके से जलाने पर इसकी आग जंगलों में फैल सकती है। इसी के प्रति स्याहीदेवी विकास मंच लोगों को जागरूक करता है। ओण दिवस के रूप में लोगों को इसे बेहतर प्रबंधन के साथ जलाने को प्रेरित किया जाता है, ताकि जंगलों को आग से सुरक्षित बचाया जा सके।